
जालोर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश आरपी सोनी के निर्देशन में मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आहोर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने रैगिंग विरोधी कानून की जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में रैगिंग की कुप्रथा नव प्रवेशार्थियों में भय का पर्याय बनती जा रही है, जिसे रोकना सभी विद्यार्थियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर वरिष्ठ छात्र नए छात्रों को निर्बल समझकर उनके साथ बुरा व्यवहार करते है जो अमानवीय ही कहा सकता है। रैगिंग के प्रत्येक मामले में विद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाना आवश्यक है, ऐसे मामलों में विद्यालय द्वारा दोषी विद्यार्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। रैगिंग का अपराध करने वाले दोषी विद्यार्थी को जुर्माने या कारावास की सजा से दंडित किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने व अन्य शिकायत दर्ज करवाने संबंधित जानकारी भी दी एवं कहा कि सामान्य कानूनों की जानकारी हर व्यक्ति को होनी आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ साथ कत्र्तव्यों का भी ध्यान रखना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के अधिकारों की भी जानकारी दी और उपस्थित छात्राओं को कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने पीसीपीएनडीटी एक्ट, एसीड अटेक, शिक्षा का अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार सहित विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाई जा रही योजनाओं व कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ व विद्यार्थी मौजूद रहे।..९
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