पानी से रास्तों में फैल रहा है कीचड़, ग्रामीणों का चलना हुआ दुश्वार।
भीनमाल. बांडी-सिणधरा बांध के कमाण्ड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी नहीं नसीब हो रहा है, लेकिन मुख्य केनाल के साइफन जगह-जगह लीकेज होने से हजारों लीटर अमृत व्यर्र्थ बह रहा है। इतना हीं नहीं लीकेज पानी गांव के कच्चें रास्तों में फैलने से रास्ते कीचड़ में तब्दील हो रहे हंै। ऐसे में ग्रामीणों का आवाजाही में दुश्वार बन गई है। थूर गांव में बांडी केनाल के मुख्य नहर के चार साइफन है, चारों साइफन खेतों को जोडऩे वाले कच्चे रास्तों पर है। ऐसे में चारों साइफन का लीकेज हजारों लीटर पानी कच्चे रास्तों में फैल रहा है। ऐसे में कच्चे रास्ते पूरी तरह से बदहाल बने हुए है। ग्रामीणों के लिए इन रास्तों पर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि साइफन के लीकेज की समस्या के समाधान के लिए कई बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
साइफनों की क्षमता भी कम
बांड़ी-सिणधरा बांध से निकलने वाली मुख्य केनाल के साइफन की क्षमता कम होने की वजह से नहर में पूरा पानी भी नहीं छोड़ा जा रहा है। पूरा पानी खोलने की स्थिति में साइफन लीकेज होने के साथ टूटने की भी आशंका रहती है। इसके अलावा मुख्य नहर व सब माइनरों का लेवल सहीं नहीं होने से किसानों का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा है। कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के लिए के बांध के पानी से सिंचाई करने का सपना दम तोड़ रहा है।
कई बार अवगत करवाया है
थूर गांव में बांडी-सिणधरा बांध के मुख्य केनाल के चार जगहों पर साइफन लीकेज है। साइफन लीकेज होने से गांव की ग्रेवल सडक़ पूरी तरह से बदहाल बनी हुई है। कच्चें रास्तों पर कीचड़ फैल रहा है। ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहाड़सिंह, सरपंच-थूर
एस्टीमेट बनाया है।
बांडी-सिणधरा बांध के मुख्य केनाल के साइफन कई जगह लीकेज है। केनाल व साइफन की मरम्मत के लिए एस्टीमेंट बनाया गया है। एस्टीमेट स्वीकृत पर नहर व साइफन की मरम्मत करवाई जाएगी।
हरिश शर्मा, अधिशाषी अभियंता, जल संसाधन विभाग-जालोर