राप्रावि मालीपरा के छात्रों की टीसी काटने का मामला
हाड़ेचा. क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय मालीपरा से एक साथ २९ बच्चों की टीसी काटने के बाद केसूरी पीईईओ ने आनन-फानन में बालकों को ड्रॉप आउट होने से रोकने के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय लोटेश्वर में एडमिशन तो करवा दिया, लेकिन यह विद्यालय भी लम्बे समय से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। इस विद्यालय में पूर्व में 5२ छात्र अध्ययनरत थे, लेकिन २९ बच्चों के एडमिशन के बाद अब यहां पर बच्चों की संख्या 8 1 हो गई है। जबकि यहां पर एक ही शिक्षक कार्यरत है। वहीं उनके पास बीएलओ का भी चार्ज है। हालांकि यहां पर एक शिक्षिका की और नियुक्ति हो रखी है,लेकिन पिछले कई माह से अवैतनिक अवकाश पर होने से एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय संचालित हो रहा है।
गौरतलब है कि राप्रावि मालीपरा से एक साथ २९ बच्चों की टीसी काटकर पीईईओ ने विभागीय अधिकारियों के निर्देशों पर उनका लोटेश्वर विद्यालय में एडमिशन तो करवा दिया, लेकिन विद्यालय में छात्रों के अनुपात में शिक्षक नहीं लगवाए गए। ऐसे में इन बच्चों की स्थिति जैसी पहले थी, वैसी अभी भी रहेगी। यहां कार्यरत शिक्षक के पास पहले से बीएलओ का चार्ज है।
अभिभावकों को चिंता
जिले की अधिकतर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों का इस बारे में कहना कि प्रतिनियुक्ति पर रोक के चलते स्कूलों में यह स्थिति बन रही है। चाहकर भी एक स्कूल से दूसरी स्कूल में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इस समस्या के चलते अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता खाए जा रही है।
इनका कहना है...
विद्यालय में फिलहाल 8 1 बच्चे हैं, लेकिन एक शिक्षका पिछले कई महीनों से अवेतनिक अवकाश पर है। बीएलओ का चार्ज होने से अधिकतर समय चुनाव व अन्य कार्यों में लगा रहता है। फिर भी बालकों को पढ़ाने का जिम्मा भी देख रहा हूं।
-भीमसिंह, शिक्षक, राप्रावि, लोटेश्वर
&शहां लोटेश्वर राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षिका अवकाश पर होने के साथ ही शिक्षक के पास बीएलओ का चार्ज होने से समस्या है। विद्यालय में एक और शिक्षक लगाने की कवायद की जाएगी।
-हरिसिंह, पीईईओ, केसूरी