भीनमाल थाना क्षेत्र के वागावास गांव के ग्रामीण झगड़ा-फसाद होने पर मुकदमेबाजी व कोर्ट-कचहरी के चक्कर से दूर रहते है
भीनमाल. आमतौर पर बढ़ते आपराधिक मामले और भूमि विवाद पुलिस और प्रशासन का सिरदर्द बढ़ाते रहते हैं, लेकिन भीनमाल थाना क्षेत्र के वागावास गांव के ग्रामीण झगड़ा-फसाद होने पर मुकदमेबाजी व कोर्ट-कचहरी के चक्कर से दूर रहते है। आपसी भाईचारे की मिसाल यह है कि गांव में पिछले 38 सालों में गांव में महज छह मामले भी दर्ज हुए। उसमें से भी तीन मामलों में आपसी भाईचारे से सुलझाए गए। गांव के ग्रामीण चौहटे पर आपसी राजीनामें व सौहार्दपूर्ण तरीके से मनमुटाव व कहासुनी के मामले सुलझा देते है। वर्तमान समय में यह गांव आस-पास के गांवों के लिए आदर्शता की मिसाल बना हुआ है। इतना ही नहीं ग्रामीण स्वेच्छा से अनुशासित होकर एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी दांव पेच से दूर है। गांव के ग्रामीणों का अपराध से दूर-दूर तक वास्ता नहीं है। गांव के बुर्जुगों का कहना है कि गांव के लोग कोई मामला होने पर आपस में बैठकर आपसी समझाइश कर देते है। ग्रामीण उन्हें पुलिस व कोर्ट-कचहरी के चक्कर के बारे में समझाइश भी करते है। इससे गांव में शांति व सदभावना का माहौल्ल बना हुआ हेै।
पहला मामला 1979 में दर्ज
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार बागावास गांव में 1979 के पहला मुकदमा हुआ था। उसके बाद 15 साल तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। वहीं 2000 से 2015 तक थाने में गांव का एक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस को भी इन गांवों में कानून व्यवस्था के लिए हाथपैर नहीं मारने पड़ते है। गांव के बुर्जुगों का मानना है कि कोर्ट-कचहरी व थानों के चक्कर लगाने से आर्थिक, मानसिक व शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
छह दर्ज हुए उसमें तीन में राजीनामा
थाने में बागावास गांव में पहला मुकदमा 1979 में अफीम तस्करी का हुआ था, उसके बाद 1995 में मारपीट, 2000 में झूपे जलाने के आपसी मामले, 2015 में दुकान में चोरी, 2017 में डेयरी में कंंप्यूटर चोरी व एक्रोसिटी एक्ट का मामले दर्ज हुए है। गांव में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी भी दूर-दराज गांवों के थ। अफीम तस्करी व चोरी के मामले में पुलिस ने चालान पेश किया, जबकि तीन मामलों में राजीनामें से सुलटाए।
इनका कहना है...
आपसी मनमुटाव या अन्य मामलों में गांव के लोग एकजुट होकर दोनों पक्षों में आपसी समझाइश करवा देते है। ग्रामीणों की समझाइश पर दोनो पक्ष मान जाते है। जिससे गांव में भाईचारा व सौहार्द बना है।
- सोमतसिंह, पूर्व सरपंच
वागावास गांव से कभी-कभार ही मामलें थाने में आते है। पिछले 38 सालों में थाने में छह मामले दर्ज हुए है। उसमें से तीन मामलों में एफआर दी है। आपसी भाइचारे व राजीनामें से मामले सुलझते है तो अच्छा ही है।
- कैलाशचन्द्र मीणा, पु.निरी. भीनमाल