मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों में आदर्श तालाब की कवायद कागजी
भीनमाल. महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत पर एक तालाब को चिह्नित कर उसे आदर्श रूप देने की कवायद महज कागजों में ही दम तोड़ रही है। जिलेभर में पंचायती राज विभाग की ओर से 2015-16 में 18 9 तालाबों को आदर्श रूप देने के लिए स्वीकृत किया था। स्वीकृति से तीन साल बाद भी जिलेभर में तहज तीन-चार तालाब ही आदर्श रूप ले सके है। ऐसे में पंचायत राज विभाग की उदासीनता के चलते तालाबों को आदर्श बनाने के सपने दम तोड़ रहे है। प्रत्येक तालाब पर 22-35 लाख रुपए श्रम व मजदूरी मद में खर्च करने है, कई तालाबों में स्वीकृत राशि तो खर्च हो गई, लेकिन तालाब आदर्श रूप नहीं ले सके। योजना के तहत तालाबों को गहरा कर अधिक बरसाती पानी का ठहराव करने व तालाबों का सौन्दर्र्यकरण करना है। अधिकांश तालाबों में कच्चे कार्य ही हुए है। महज दर्जनभर तालाबों में घाट निर्माण के कार्य हुए है। तालाबों के पैंदे में बबूल की झाडिय़ां खड़ी है। आदर्श तालाबों का निर्माण करने से लोगों के सालभर तक बारिश के पानी उपयोग में आ सके। इसके अलावा तालाब पर सुबह-शाम पिकनीक का रूप में भ्रमण कर सके। पंचायत राज विभाग के अधिकारियों के पास भी तालाबों को आदर्श बनाने का कार्य कब पूरा होगा, इसका जवाब नहीं है।
ऐसे बनने थे आदर्श
मनरेगा योजना के तहत चिह्नित तालाबों में पिचिंग कार्य किया जाना। जिससे पानी का सालभर तक रिसाव कम होगा। तालाब में पानी की आवक के रास्ते को सुगम बनाया जाएगा। तालाब में 50 गुणा 20 फीट में घाट का निर्माण होगा। घाट के एक तरफ सीढिय़ां बनेगी। इसके अलावा 20 गुणा 20 फीट का चबूतरा निर्माण होगा। तालाब में पानी की निकासी के लिए ओवरफ्लो का निर्माण होगा। तालाब की पाळ को 20 फीट चौड़ी कर दोनों ओर छायादार पौधे लगाएं जाएंगे। ऐसे में बारिश के जल का सरंक्षण कर बारिश के पानी को सहजा जा सके। बारिश के दिनों में तालाब के कैचमेंट एरिये से पर्याप्त पानी की आवक हो सकेगी। तालाब का पानी ग्रामीणों व मवेशियों के पीने के लिए उपयोग में आ सके।
यह है ब्लॉक वार आदर्श तालाब
जिले में आठ पंचायत समिति क्षेत्र में 18 9 ग्राम पंचायतों में तालाबों को आदर्श के रूप में विकसित करने के लिए साल 2015-16 में स्वीकृतियां जारी की गई थी। जिसमें भीनमाल में 30, सायला में 51, जालोर में 32, आहोर में 18 , चितलवाना में 12, रानीवाड़ा में 11, सांचौर में 14 व जसवंतपुरा में 21 तालाबों को आदर्श तालाब विकसित करने के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी गई, लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी तालाबों की दशा नहीं सुधरी पाई है।
कार्र्यवाही होगी...
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना के तहत तालाबों को आदर्श रूप दिया जाना है। तालाबों के कार्य श्रम व निर्माण कार्य के अनुपात में किए जाते है। तालाबों का निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के लिए समय-समय पर विकास अधिकारियों को निर्देशित करते है। अगर समय पर निर्माण कार्य नहीं होने पर कार्यवाही की जाएगी।
- हरिराम मीणा, सीईओ