Unique Engagement in Rajasthan : जालोर के चितलवाना क्षेत्र के सांगड़वा गांव में राजपूत समाज के सगाई में रस्म एक अनोखी मिशाल पेश की गई।
Unique Engagement in Rajasthan : जालोर के चितलवाना क्षेत्र के सांगड़वा गांव में राजपूत समाज के सगाई में रस्म एक अनोखी मिशाल पेश की गई। सांगड़वा निवासी डॉ. परबतसिंह पुत्र ईश्वरसिंह चौहान ने टीका दस्तूर की राशि व आभूषण वापस लौटाकर समाज में एक नई मिशाल पेश की। उन्होंने एक टीका के रुप में एक रुपया व नारियल लेकर के समाज में एक मिशाल पेश की गई।
सांगड़वा निवासी डॉ. परबतसिंह पुत्र ईश्वरसिंह चौहान के पुत्र की सगाई हुकमसिंह सोढा गोकुल बीकानेर हाल बालोतरा के वहां हुई । टीका दस्तूर में 11 लाख 21 हजार की राशि व आभूषण लौटाकर के डॉ. परबतसिंह ने कहा कन्यादान ही सबसे बड़ा धन है। इससे ज्यादा कोई धन नहीं होता है। इस दौरान खंगारसिंह, अनोपसिंह, बलवंतसिंह, आम्बसिंह, रिड़मलसिंह, भानसिंह, मानसिंह, शैतानसिंह, राजूसिंह, दीपसिंह, किशनलाल, बाबुलाल, गिरधारी राम देवासी सहित अन्य मौजूद रहे।
इससे पहले भी जैतपुर खींची ग्राम सागांवाला के ब्राह्मण परिवार में हुई शादी में वर पक्ष ने वधू पक्ष की ओर से दी गई 11 लाख रुपए नगद राशि लौटाकर 1 रुपए नेग की राशि लेकर विवाह की रस्म पूरी की थी। कैलाश चंद्र शर्मा के पुत्र मोहित शर्मा शिक्षा पूरी करके अपने पापा के साथ निजी कार्य कर रहे हैं। वधू पक्ष की ओर से मोहित शर्मा को नगद राशि के टीका रूप में 11 लख रुपए की राशि दी गई। टीका रस्म अदा की गई। टीका रस्म अदा होने के बाद पिता कैलाश चंद शर्मा ने नेग के रूप में सिर्फ 1 रुपया लेकर विवाह संपन्न का प्रस्ताव आमजन व वधू पक्ष के सामने रखते हुए नकद राशि वापस लौटा दी।