हेड कांस्टेबल पर पांच हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप
सांचौर. भैंस चोरी के मामले को लेकर सांचौर उपखंड मुख्यालय पर पिछले तीन दिनों से धरने पर बैठे अगड़ावा के किसान परिवार ने चितलवाना पुलिस थाने में तैनात हैंड कांस्टेबल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। हैड कांस्टेबल गोपालसिंह द्वारा पीडि़त मेवाराम से पांच हजार की ली गई रिश्वत की रकम वापस लौटाने व निलम्बित करने की मांग करते हुए पीडि़त मेवाराम की पत्नी मफी देवी ने सोमवार से भूख हड़ताल शुरू की। मफी देवी ने आरोप लगाया कि हैड कांस्टेबल गोपालसिंह ने भैंस चुराने के मामले में कार्रवाई करने व आरोपियों से भैंसे वापस दिलवाने का आश्वासन देते रहे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया हैड कांस्टेबल गोपालसिंह रसूल के घर पर भी गया। जहां अकेले में उनसे कई बार मेरे पति के सामने बात भी की और उनके घर जाने का किराया भी लिया।लेकिन लंबे समय तक न तो भैंसे वापिस मिली और ना ही कोई कार्रवाई हुई। जिस पर हैड कांस्टेबल से संपर्क किया तो, उन्होंने स्वयं का स्थानान्तरण अन्यत्र होने की बात कहते हुए कार्रवाई करने में असमर्थता जताई। उन्होंने दोषी हैड कांस्टेबल द्वारा जांच के नाम पर ली गई रिश्वत की राशि को लौटाने व उसे निलम्बित नहीं करने तक भूख हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है।
सरंपच आई पक्ष में
अगड़ावा के पीडि़त परिवार द्वारा पिछले तीन दिनों से दिए जा रहे धरने के बावजूद प्रशासन द्वारा मांगे नहीं माने जाने के विरोध में व दोषी हैड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर मंगलवार से पीडि़त परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है। सेसावा सरंपच झीणी देवी कड़वासरा ने बताया कि गरीब परिवार के साथ अन्याय हो रहा है। पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
बुजुर्ग भी धरने पर
भैंसे चोरी के मामले को लेकर मेवाराम को न्याय नहीं मिलने पर ९८ वर्षीय दादा मोतीराम माली भी कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे पीडि़त परिवार के साथ धरने पर बैठे है। धरने के तीन दिन बाद भी प्रशासन की ओर से किसी भी अधिकारी ने पीडि़त परिवार की कोई सुध अभी तक नहीं ली है।
हाड़ेतर के ग्रामीण बैठे धरने पर
हाड़ेतर के ग्रामीणो ने भैंस चोरी के मामले को लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए सोमवार से एसडीएम के समक्ष धरना शुरू किया। उन्होने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि उनकी भैंस चोरी होने का मामला सांचौर पुलिस थाने में दर्ज करवाए करीब पांच माह से अधिक समय के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।