- एक हजार से अधिक आवेदन पत्र निरस्त होने की संभावना
जांजगीर-चांपा. शिक्षा के अधिकार के तहत अंतिम तिथि तक शैक्षणिक जिला जांजगीर चांपा में 4935 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। इतने आवेदन पत्रों में 4231 सीटों के लिए भर्ती की जाएगी। इसके लिए 49 नोडल अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। नोडल अफसर पांच जून से आवेदन पत्रों की स्कू्रटनी करेंगे। इसके बाद अभ्यर्थियों की भर्ती होगी और छात्रों का संबंधित स्कूलों में दाखिला होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अफसर ऑनलाइन आवेदनों पत्रों की जांच पड़ताल शुरू कर दिए हैं।
जिले में इस वर्ष शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत बंपर आवेदन जमा किया है। 26 मई तक बोर्ड के वेबसाइट में 4935 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। इसकी स्कू्रटनी के लिए जिला स्तर में 49 नोडल अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि इतने आवेदन पत्रों में कई तरह की खामियां नजर आएंगी। जिसमें किसी का जन्म प्रमाण पत्र सही नहीं होगा, क्योंकि बच्चे का जन्म तीन साल से एक दिन भी कम होगा उसकी भर्ती नहीं हो पाएगी। वहीं निवास प्रमात्र पत्र में खामियां हो सकती है।
इसके अलावा वर्ष 2002 के सर्वे सूची में नाम बहुत लोगों का नहीं है। जिसके चलते आवेदन पत्र निरस्त होंगे। आवेदन पत्रों में ऐसे कई तरह की विसंगतियां होने की आशंका है। जिसके चलते तकरीबन एक हजार से अधिक आवेदन पत्र निरस्त होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल अभी वेबसाइट पर आवेदन पत्र सुरक्षित रखे हुए हैं। पांच तारीख के बाद ही इसका पिटारा खुलेगा।
35 स्कूलों का भविष्य अभी भी अधर में
जिले में 35 ऐसे निजी स्कूल हैं जिनका भविष्य अभी भी गर्त में है। इन स्कूल संचालकों ने आरटीई के तहत अपने स्कूलों की मान्यता लेने में कोताही बरती थी। ऐसे स्कूलों के संबंध में बोर्ड ने अब तक निर्णय नहीं लिया है। जिसके चलते इन स्कूलों का भविष्य अभी अंधकारमय है। ये स्कूल आरटीई के तहत न तो भर्ती ले पाएंगे और न ही शिक्षा के अधिकार योजना का लाभ इन्हें दिया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों का होगा जिन्होंने इन स्कूलों में भर्ती की उम्मीद पाल रखी थी।
फैक्ट फाइल
स्कूल की संख्या 379
जमा हुए आवेदन 4935
सीटों की संख्या 4231
निरस्त हो सकते हैं फार्म 704
स्क्रूटनी 05 जून से
नोडल अफसर 49
-शिक्षा के अधिकार के तहत 4934 आवेदन पत्र ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। आवेदन फार्मों की स्क्रूटनी पांच जून से किया जाना है। इसके लिए 49 नोडल अफसरों को लगाया गया है। आवेदन पत्रों की जांच के बाद पात्र अभ्यर्थियों को निजी स्कूलों में दाखिल दिया जाएगा-जीपी भास्कर, डीईओ