
टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में प्रदेश स्तर पर रिकार्ड महिलाओं की नसबंदी करने वाले डॉ. अरविंद द्विवेदी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि नसबंदी को लेकर केंद्र शासन की बनी योजनाओं का लाभ सभी हितग्राहियों को मिलनी चाहिए। डॉ. द्विवेदी अब तक 65 हजार से अधिक महिलाओं की नसबंदी कर चुके हैं।
नसबंदी को लेकर समाज में आई जागरूकता की बात कहते हुए जिला चिकित्सालय के पूर्व सर्जन डॉ. द्विवेदी ने बताया कि अब लोग स्वयं प्रेरित होकर अस्पताल तक पहुंच रहे हैं।
पहले तो लोगों से नसबंदी का नाम लेना भी समस्या पैदा करने वाला होता था। नसबंदी सुनकर लोग भड़क उठते थे, लेकिन धीरे-धीरे सब समान्य होते गया। पहले संसाधन की कमी भी थी, फिर भी लोगों को इस दिशा में लाभ पहुंचाने गांव-गांव मेंं शिविर लगाकर नसबंदी की गई। उस दौर में चार-पांच बच्चों की माताएं नसबंदी कराने पहुंचती थी, लेकिन अब जागरूकता के बाद दो-तीन बच्चों की माताएं पहुंचने लगी हैं। इसी से लोगों में नसबंदी को लेकर जागरूकता का स्तर समझा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि केंद्र शासन से नसबंदी कराने वाली महिला व पुरूष को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाता है, जिसे स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की उदासीनता के चलते निजी चिकित्सालायों में नसबंदी कराने वाली महिलाओं को नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से संज्ञान लेकर सभी नसबंदी हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का आग्रह किया है, जिससे लोगों का इस दिशा में रूझान बना रहे। वर्तमान में नसबंदी की शिविर का आयोजन नहीं किया जा रहा है। केवल जिला चिकित्सालयों में मेनुअल ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
इस पद्धति से ऑपरेशन करने पर मरीज को दो से तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। इससे मरीजों को परेशानी होती है, जिसके कारण लोग जिला चिकित्सालयों में जाकर नसबंदी कराने से पीछे हट रहे हैं। इसके कारण दो वर्षों से नसबंदी का आंकड़ा गिरा है, जिसे निजी चिकित्सलयों के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। लोग आज अपने खर्च या स्मार्ट कार्ड के माध्यम से निजी चिकित्सलयों में जाकर दूरबीन पद्धति से नसबंदी करा रहे हैं। दूरबीन पद्धति से नसबंदी कराने पर मरीज की तीन घंटे में अस्पताल से छुट्टी हो जाती है। उन्होंने पुरूषों को भी नसबंदी कराने आगे आने की सलाह देते हुए किसी तरह की परेशानी नहीं होने की जानकारी दी।
किसी भी मौसम में हो करा सकते हैं नसबंदी
डॉ. द्विवेदी ने नसबंदी को लेकर फैले भ्रम को दूर करते हुए बताया कि इसका आपरेशन किसी भी मौसम में कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लोगों के बीच यह बात स्थापित हो चुका है कि नसबंदी केवल ठंड के मौसम में कराना चाहिए, जो पूर्णत: गलत है। नसबंदी एक सामान्य आपरेशन है, जिसे हर मौसम में कराया जा सकता है। लोगों के इस भ्रम के कारण ठंड के मौसम में लगने वाले कैंप में हमेशा भीड़ उमड़ पड़ती है, जिससे स्वास्थ्य प्रशासन को अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने नसबंदी कराने वाली महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होने के सातवें दिन तक नसबंदी कराने का आग्रह किया है।