जांजगीर चंपा

CG Paddy Procurement: बिना मंडी लाइसेंस धान खरीदी पर लगेगा पांच गुना जुर्माना, खरीदी-बिक्री में होगी दिक्कत

CG Paddy Procurement: जांजगीर जिले में निजी दुकानों और फुटकर में धान खरीदी करने के लिए मंडी लाइसेंस लेना जरूरी होता है। बिना मंडी लाइसेंस के धान खरीदा करना नियम के विरूद्ध है।

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CG Paddy Procurement: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में निजी दुकानों और फुटकर में धान खरीदी करने के लिए मंडी लाइसेंस लेना जरूरी होता है। बिना मंडी लाइसेंस के धान खरीदा करना नियम के विरूद्ध है। ऐसा करते पाए जाने पर पांच गुना जुर्माना का नियम है। जिले में इस खरीफ सीजन अब तक आधा दर्जन से ज्यादा मामलों में इस तरह की कार्रवाई करते हुए धान जब्ती की कार्रवाई की जा चुकी है।

29 नवंबर को जांजगीर के केरा रोड में संचालित मनीष ट्रेडर्स के गोदाम से 30.40 क् क्विंटल धान जब्त किया गया था। इसी तरह पामगढ़ में राजस्व विभाग की टीम ने 6 नवंबर को एक वाहन से 30 कट्टी धान जब्त किया था। दोनों मामले में मंडी अधिनियम के तहत पांच गुना जुर्माना लगाया गया। समर्थन मूल्य के हिसाब से जुमाने की राशि तय की जाती है। एक क्विंटल पर 40 रुपए जुर्माना तय किया गया है।

CG Paddy Procurement: मंडी लाइसेंस लेना अनिवार्य

गौरतलब है कि खुले दुकानों या फुटकर में धान की खरीदी-बिक्री करने के लिए मंडी लाइसेंस का नियम बनाया गया है। इसके लिए मंडी से पंजीयन कराना होता है। इधर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो रही है। ऐसे में प्रशासन की टीम दुकानों में पहुंचकर जांच कर रही है। आज भी गांवों में लोग फुटकर दुकानों में धान बेचकर जरूरत का सामान खरीद लेते हैं।

पहले शासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती थी लेकिन अब समर्थन मूल्य पर दुकान संचालक भी धान को बेच देते हैं। दुकानों में अभी भी फुटकर में 15 से 16 रुपए के करीब प्रति किलो धान की खरीदी होती है। अब तो गांव में पहुंचकर बिचौलिए भी थोक में धान की खरीदी करते हैं। जिन लोगों के पास पंजीयन नहीं है वे लोग दुकानोंसे धान को बेचते हैं, लेकिन बिना मंडी लाइसेंस के धान की खरीदी-बिक्री नहीं कर सकते।

मंडी लाइसेंस बनवाने रुचि नहीं

खुले में धान की खरीदी के लिए मंडी लाइसेंस का नियम है तो लेकिन दुकानदार, खासकर छोटे दुकानदारों के द्वारा बिना पंजीयन कराए ही धान की खरीदी की जा रही है। जिले में ले-देकर 250-300 ही मंडी पंजीयन जारी हुआ होगा। बाकी अधिकतर गांवों और शहरों में दुकानदार बिना पंजीयन ही खरीदी-बिक्री कर रहे हैं।

पंजीयन लेने कृषि उपज मंडी में आवेदन करना होता है। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता की फोटोकापी, दो फोटो समेत निकाय/पंचायत की एनओसी लगती है। जिले में अकलतरा, चांपा और नैला तीन कृषि उपज मंडी है।

लाइसेंस बनवाना जरूरी: सचिव

सचिव कृषि उपज हिरेन्द्र टंडन ने कहा की मंडी नैला फुटकर और दुकानों में धान की खरीदी करने के लिए मंडी लाइसेंस अनिवार्य है। बिना पंजीयन ऐसा करते पाए जाने पर पांच गुना जुर्माना का प्रावधान है। कृषि उपज मंडी में आवेदन कर पंजीयन कराया जा सकता है। कार्रवाई भी की जा रही है।

Updated on:
21 Dec 2024 04:44 pm
Published on:
21 Dec 2024 04:41 pm
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