- जलकुंभी को खत्म करने ठेकेदार की तरकीब बनी आफत, हर घर में छोटे बच्चों को चर्मरोग की शिकायत- आक्रोशित जनता ने कहा समस्या का समाधान जल्द हो नहीं तो उतरेंगे सड़क पर
जांजगीर-चांपा. नैला के वार्ड नंबर तीन के नया तालाब में मछली के चक्कर में जलकुंभी को खत्म करने ठेकेदार ने कीटनाशक दवा डाल लिया, यही दवा लोगों की सेहत पर कहर बनकर टूट गया। इस तालाब में निस्तारी करने वाले तकरीबन दो सौ परिवार के लोगों को चर्मरोग के शिकार हो गए हैं। खासकर दो से पांच साल के बच्चों को खुजली की अधिक शिकायत हो गई है। हर घर में चर्मरोग की शिकायत से लोग परेशान हैं। बुधवार की सुबह लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने ठेकेदार को मौके पर बुलाकर समस्या का समाधान करने की बात कही। नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञात हो कि नैला के नया तालाब में ठेकेदार ने मछली पालन के बाद जलकुंभी डाल दिया था। जलकुंभी में मछली बड़े होते हैं। यही जलकुंभी मछली ठेकेदार के लिए सिर दर्द बन गया। मछली जब बड़ी हो गई, अब जलकुंभी को मारने के लिए वह कीटनाशक दवा का छिड़काव कर दिया। जलकुंभी मरने लगे और तालाब के भीतर ही सड़कर पानी को खराब करने लगा। मोहल्ले वालों के लिए बड़ी दिक्कत अब यह है कि तालाब का पानी गंदा होने के कारण वार्ड के लोगों को खुजली की शिकायत हो रही है। धीरे-धीरे कर सभी घरों के सदस्यों को चर्मरोग की शिकायत हो गई है। सबसे अधिक शिकायत छोटे बच्चों को है। बच्चों के हाथ पांव व पूरे बदन में खुजली हो चुकी है। बच्चे रो-रोकर परेशान हैं। इतना ही नहीं बड़े लोगों को भी चर्मरोग का शिकार होना पड़ रहा है।
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नियम विरूद्ध हो रहा मछली पालन
मोहल्लेवाशियों का आरोप है कि नगरपालिका ने नियम विरूद्ध तालाब को मछली पालन के लिए दे दिया है। इससे न तो नगरपालिका को आर्थिक लाभ हो रहा है और न ही प्रशासन को। मछली पालन का पैसा ठेकेदार खुद डकार रहा है। इस बात को लेकर मोहल्ले के लोगों में रोष व्याप्त है।
इंद्राणी कश्यप वार्डवासी
जलकुंभी में कीड़े निकल रहे हैं। मछली ठेकेदार ने कीटनाशक दवा का छिड़काव कर दिया है। ठेकेदार का कहना है कि तुम लोग कुछ भी करो, हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है।
सुखबाई वार्डवासी
तालाब के गंदा पानी से पूरे मोहल्ले के २०० लोगों को चर्मरोग की शिकायत हो गई है। ठेकेदार को तालाब की सफाई के लिए कहा गया लेकिन वह सुन नहीं रहा है।
सुमित्रा बाई वार्डवासी
जो भी तालाब में नहा रहे हैं उन्हें खुजली हो रही है। यदि प्रशासन नहीं सुनती है तो वे चक्काजाम करने विवश होंगे। वार्ड के विधायक से इसकी समस्या को सुनाई तो उन्होंने नगरपालिका के लोगों से बात की। इसके बाद भी समस्या जस की तस है।
राजू शर्मा वार्डवासी
तालाब बहुत पुराना है। तालाब से ३०० परिवार निस्तारी करते हैं। ठेकेदार अपने स्वार्थ के लिए तालाब में जलकुंभी डाल दिया। जलकुंभी तो गल रहा है लेकिन तालाब के पानी में कीड़ा हो रहा है। जिससे लोगों को चर्मरोग हो रहा है। यदि समस्या का समधान नहीं किया गया तो मोहल्लेवाली उग्र आंदोलन करेंगे।
मोहम्मद गौस ठेकेदार
तालाब में कचरा तो होते रहता है। जलकुंभी को खत्म करने के लिए तालाब में दवा का छिड़काव किया गया है। तालाब की सफाई कराई जाएगी। ताकि लोगों को दिक्कतें न हो।