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शराब की कमी! प्रीमियम में बीयर नहीं? दुकानों में हंगामा, सरकार को हर दिन हो रही लाखों का नुकसान

CG Liquor: इन दिनों शराब की कमी होने से लोग दुकान पर हंगामा की स्थिति बन रही है। शाम के बाद लौट लोग रहे हैं। प्रीमियम में बीयर नहीं है, इससे सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है..

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CG Liquor shop

शराब दुकानों में स्टॉक की कमी ( File Photo - Patrika )

CG Liquor News: जांजगीर-चांपा जिले में पिछले पखवाड़े भर से शराब दुकानों में भीड़ उमड़ रही है। साथ ही स्टॉक की कमी के कारण लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है या फिर ऊंचे दाम के शराब खरीदने को मजबूर हैं। कंपनी जरूरत के हिसाब से आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

CG Liquor: लोगों के लिए नई परेशानी

जिले में इन दिनों शराब की कमी ने प्रशासन और आम लोगों दोनों के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है। पिछले एक सप्ताह से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां एक ओर दुकानों में स्टॉक नहीं पहुंच पा रहा, वहीं दूसरी ओर ग्राहकों की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है। जिले की अधिकांश शराब दुकानों के बाहर सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है, जो शाम तक और लंबी हो जाती है। तेज गर्मी के बावजूद लोग घंटों धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर तो स्थिति ऐसी है कि स्टॉक खत्म होने के बाद भी लोग उम्मीद में लाइन में लगे रहते हैं।

नहीं मिल पा रही शराब

आमतौर पर शाम के समय दुकानों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को शराब नहीं मिल पा रही। नतीजा यह हो रहा है कि कई ग्राहकों को बिना खरीदे ही वापस लौटना पड़ रहा है, इससे नाराजगी और असंतोष बढ़ रहा है। जिले के कई इलाकों में देशी शराब का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें मांग के मुकाबले बेहद कम सप्लाई मिल रही है, इससे ग्राहक बैरंग लौट रहे हैं।

नई शराब नीति का असर, राजस्व में असर

जानकारी के मुताबिक राज्य में लागू नई शराब नीति के बाद सप्लाई सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है। देशी मसाला शराब को अब प्लास्टिक की बोतलों में भेजा जा रहा है, जबकि पहले यह कांच की बोतलों में आता था। इस बदलाव का सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ा है। नई मशीन लग रही है। नई पैकेजिंग और लॉजिस्टिक सिस्टम पूरी तरह से स्थिर नहीं हो पाया है, इसके चलते जिला तक पर्याप्त मात्रा में शराब नहीं पहुंच पा रही। इससे सरकार को बड़ा नुकसान हो रहा है।

बढ़ती नाराजगी और संभावित असर

शराब की कमी का असर अब सामाजिक स्तर पर भी दिखने लगा है। ग्राहकों में गुस्सा और असंतोष बढ़ रहा है। दुकानदार भी परेशान हैं क्योंकि बिक्री घट गई है। प्रशासन पर सप्लाई सुधारने का दबाव बढ़ रहा है। यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। कुल मिलाकर जिले में शराब की कमी सिर्फ एक आपूर्ति समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह अब जन असंतोष का कारण बनती जा रही है।

प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी, नीलिमा डिग्रस्कर ने कहा कि जरूरत के हिसाब से उत्पादन नहीं हो पा रहा है। साथ ही प्लास्टिक की बोतलों में शराब भेजा रहा है। इसके लिए नई मशीनें लगाई जा रही है। इसलिए समस्या आ रही है। सप्ताह भर बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।