
शराब की कमी से हालात बिगड़े (photo source- Patrika)
CG Liquor Shortage: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में इन दिनों शराब की कमी ने प्रशासन और आम लोगों दोनों के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है। पिछले एक सप्ताह से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां एक ओर दुकानों में स्टॉक नहीं पहुंच पा रहा, वहीं दूसरी ओर ग्राहकों की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है।
जिले की अधिकांश शराब दुकानों के बाहर सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है, जो शाम तक और लंबी हो जाती है। तेज गर्मी के बावजूद लोग घंटों धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई जगहों पर तो स्थिति ऐसी है कि स्टॉक खत्म होने के बाद भी लोग उम्मीद में लाइन में लगे रहते हैं।
खासतौर पर शाम के समय दुकानों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को शराब नहीं मिल पा रही। नतीजा यह हो रहा है कि कई ग्राहकों को बिना खरीदे ही वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे नाराजगी और असंतोष बढ़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य में लागू नई शराब नीति के बाद सप्लाई सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है। देशी मसाला शराब को अब प्लास्टिक की बोतलों में भेजा जा रहा है, जबकि पहले यह कांच की बोतलों में आता था। इस बदलाव का सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ा है। नई पैकेजिंग और लॉजिस्टिक सिस्टम पूरी तरह से स्थिर नहीं हो पाया है, जिसके चलते जिला गोदाम तक पर्याप्त मात्रा में शराब नहीं पहुंच पा रही। इसका असर खुदरा दुकानों पर साफ नजर आ रहा है।
गिधपुरी सहित जिले के कई इलाकों में देशी शराब का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें मांग के मुकाबले बेहद कम सप्लाई मिल रही है, जिससे वे ग्राहकों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहे। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और स्पष्ट हो जाती है। पहले: हर महीने करीब 45–50 गाड़ियों में शराब की खपत, वर्तमान: घटकर 15–20 गाड़ियों तक हो गई है। यानी खपत में लगभग आधे से भी ज्यादा की गिरावट आई है। यह कमी केवल मांग में गिरावट की वजह से नहीं, बल्कि सप्लाई बाधित होने के कारण है।
शराब की कमी का असर अब सामाजिक स्तर पर भी दिखने लगा है। ग्राहकों में गुस्सा और असंतोष बढ़ रहा है। दुकानदार भी परेशान हैं क्योंकि बिक्री घट गई है। प्रशासन पर सप्लाई सुधारने का दबाव बढ़ रहा है। यदि जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
कुल मिलाकर, बलौदाबाजार जिले में शराब की कमी सिर्फ एक आपूर्ति समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह अब जन असंतोष का कारण बनती जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नई नीति के तहत सप्लाई व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटती है और लोगों को राहत मिलती है या नहीं।
Updated on:
27 Apr 2026 09:06 am
Published on:
27 Apr 2026 09:05 am
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