
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में विद्यार्थियों को कैरियर गाइडेंस उपलब्ध कराने वाले शासकीय हाई स्कूल मलनी के व्याख्याता पंचायत राघवेंद्र राठौर उपस्थित हुए। उनका मानना रहा कि सभी को शिक्षा मिले इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। सभी के प्रयास से समाज को शिक्षित किया जा सकता है।
शिक्षा के प्रचार-प्रसार में लगे शिक्षक राठौर इन दिनों अपना फोकस शाला त्यागी व अप्रवेशी बच्चों पर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई परिस्थिति के चलते बच्चे शाला आना छोड़ देते हैं, जिन्हें समय पर समझाइश मिले तो उनके पालक भी बच्चों को स्कूल भेजने तैयार हो जाते हैं। आर्थिक संकट वाले परिवार के बच्चे शाला तक नहीं पहुंच पाते, इसके लिए सभी को प्रयास की आवश्यकता है। आजकल तो शिक्षा पूर्णत: नि:शुल्क हो गई है,
लेकिन कुछ खर्च होते हैं, जिन्हें समाज के सक्षम लोग वहन कर लें तो ऐसे घरों के बच्चे भी पढ़ जाएंगे और समाज शिक्षित बनेगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ वर्तमान में चल रहे पैटर्न भी बताना जरुरी है। इसके लिए उन्होंने आसपास के कुछ स्कूलों का चयन किया है और वहां के विद्यार्थियों को सामन्य ज्ञान की शिक्षा दे रहे हैं।
साथ ही प्रतिवर्ष सामन्य ज्ञान प्रतियोगिता भी कराते हैं। इसके लिए उन्होंने कक्षा पहली से पांचवी, छठवीं से आठवीं तथा कक्षा ९वीं से १२वीं तक के विद्यार्थियों का अलग-अलग ग्रुप बनाया है और उनके बौद्धिक क्षमता के हिसाब से प्रश्नों का चयनकर परीक्षा का आयोजन करते हैं। इससे बच्चों की बौद्धिक क्षमता में विकास होने की बात कही। इसी तरह विद्यार्थियों को रूचि अनुसार विषय चयन के लिए प्रेरित किया जाता है।
साथ ही आगे की पढ़ाई की जानकारी व किस संस्थान में प्रवेश लेना ठीक है, इन सब की जानकारी विद्यार्थियों को दी जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आवश्यक बातों की जानकारी के साथ यथा संभव विद्यार्थियों का सहयोग किया जा रहा है।
स्वच्छता के लिए कर रहे प्रेरित
शिक्षक राठौर ने बताया कि बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना भी बहुत आवश्यक है। उन्हें स्कूलों में गंदगी होने से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया जाता है,
जिससे वे आसानी से सिखते हैं। साथ ही घर में भी साफ-सफाई पर ध्यान देने की समझाइश दी जा रही है। खेल-खेल व अन्य व्यावहारिक बातों को सामने रख कर बच्चों को हर तरह की सीख दी जा रही है, जिससे वे समाज में अपनी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका समझें व अच्छे से निर्वहन कर सकें।