
जांजगीर-चांपा. मुलमुला थाने में सतीश नोरगे कांड के बाद भी पुलिस जागी नहीं है। एसपी ने इस थाने में डीएसपी रैंक की प्रशिक्षु अधिकारी को थाना प्रभारी बनाकर बिठाया है, लेकिन शायद यहां फल-फूल रहे अवैध कारोबार से होने वाली अकूत कमाई के माया जाल में वह भी फंस गई हैं।
इसी का नतीजा है कि एक बार फिर पुलिस की पिटाई के चलते यहां एक दलित को जहर खाने पर मजबूर होने पड़ा है। पीडि़त को गंभीर हालत में पामगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। हालाकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक मुलमुला थाना अंतर्गत मुलमुला बस स्टैंड में वहां आने-जाने वाले यात्री वाहनों से वसूली का कारोबार यहां पिछले कई सालों से चलता आ रहा है। मुलमुला टीआई ने इन वाहनों से वसूली करने की जिम्मेदारी वहीं साफ-सफाई करने वाले युवक सूरज कुमार टंडन को दी थी। सू
रज यह कार्य पिछले डेढ़ साल से करता आ रहा है। सूरज से हर महीने 15 हजार रुपए हफ्ता वसूलने की जिम्मेदारी वहीं के आरक्षक श्रीकांत सेंगर को दी गई थी। सूरज टंडन ने पत्रिका को बताया कि बसों व यात्री वाहनों से सवारी बिठाने के एवज में वह 10-20 रुपए रोज वसूलता था।
आरक्षक श्रीकांत सेंगर हर महीने उससे इसके एवज में 10 हजार रुपए लेता था। यह रकम बहुत जाता थी और वह दे नहीं पा रहा था। इसी को लेकर आरक्षक श्रीकांत सेंगर ने शुक्रवार को सूरज टंडन को थाना बुलाया और जमकर पिटाई कर दी। सेंगर ने थाने में सूरज की पिटाई करने के बाद उसे समय पर हफ्ता देने की धमकी देकर छोड़ दिया। इससे आहत सूरज ने चूहामार दवाई खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। उसकी हालत अधिक खराब होने पर जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उसे तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
थाने में पिटाई से गई थी सतीश की जान- इस थाने में तत्कालीन टीआई ने मुलमुला निवासी सतीश नोरगे को गिरफ्तार थाने में जमकर पीटा था। अधिक पिटाई के चलते सतीश की 17 सितंबर 2016 को मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे जिले में लॉ एंड आर्डर की स्थिति बन गई थी। शासन प्रशासन ने किसी इस मामले को शांत किया था कि फिर से यहां की पुलिस की लापरवाही से एक अनहोनी होते-होते बच गई।
टीआई से भी की थी शिकायत- पीडि़त सूरज कुमार टंडन का इलाज सीएचसी में चल रहा है। उसका कहना है कि वह सेंगर उसे रुपए देने के लिए काफी प्रताडि़त करता था। उसने इसकी शिकायत मुलमुला टीआई रश्मीतकौर चावला से भी की थी, लेकिन उन्होंने इस विषय में कोई हस्ताक्षेप न करने की बात कहकर मामले को टाल दिया था। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं इस अवैध वसूली की जानकारी उन्हें भी थी, लेकिन वह कुछ नहीं बोल रही थीं।
फल फूल रहा अवैध शराब का व्यापार- मुलमुला थाना अंतर्गत मुलमुला सहित बनाहिल, पकरिया, सोनसरी, नरियरा और कोसा क्षेत्र में इन दिनों कच्ची शराब बेचने का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। यहां शाम होते ही अवैध शराब बिक्री का बजार सा लग जाता है। बकायदा लोग चखना सेंटर में बैठकर शराब पीते हैं और उन्हें खुलेआम शराब परोसी जाती है। पत्रिका इस मामले को कई बार प्रमुखता से उठाया लेकिन कोई भी अधिकारी इस और कार्रवाई नहीं करता है। कारण यह है कि यहां की थाना प्रभारी पीएससी रैंक की अधिकारी है और एसडीओपी या डीएसपी अपने ही रैंक की प्रशिच्छु अधिकारी के क्षेत्र में कार्रवाई नहीं करना चाह रहा है।
कोई शिकायत नहीं- उक्त मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं की है। मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। थाना मुलमुला में पदस्थ आरक्षक एवं अंशकालीन सफाई कर्मी के बीच विवाद हुआ था। सफाई कर्मी द्वारा जहर सेवन किया गया है। पामगढ़ हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। जिसकी जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामले में सफाई कर्मी द्वारा थाने के कुछ स्टाफ से उधारी रकम लेकर वापस न करने की बात आई है। जांच जारी है।
-जितेंद्र चंद्राकर, एसडीओपी जांजगीर