
जांजगीर-चांपा. ग्रामीण अंचल में बदमाशों पर नकेल कसने अब महिला कमांडो (महिला रक्षा टीम) का गठन किया जाएगा। महिलाएं अब गांव में ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगी जो शराब पीकर गांव का माहौल खराब करते हैं या उत्पात मचाते हैं।
इतना ही गांव में जितने तरह के दुव्र्यसन होते हैं उसमें शिकंजा कसेंगी। महिलाओं को आत्म रक्षा के गुर सिखाने के लिए मंगलवार को जांजगीर के पुलिस लाइन में भव्य कार्यक्रम हुआ।
जिसमें गुंदरदेही की पद्मश्री शमशाद बेगम मौजूद थी। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव, एसपी नीतु कमल, जिपं सीईओ अजीत वसंत समेत पुलिस विभाग के आला अफसर मौजूद थे। कार्यक्रम में जिले भर की तकरीबन ८ हजार महिलाएं शामिल हुई।
जिन्हें शमशाद बेगम ने आत्म रक्षा के गुर सिखाए। शमशाद बेगम ने कहा कि महिलाएं अब अबला नहीं रह गई हैं। उन्हें सबला बनाया जाएगा। गांवों में बदमाशों से लोहा लेने के लिए उन्हें आत्म रक्षा के गुर सिखाए जाएंगे और वे गांव में शांति व्यवस्था कायम करने सक्षम होंगीं। उन्होंने खचाखच भरे महिलाओं की भीड़ में आधे घंटे तक ओजस्वी भाषण दीं और महिलाओं में जोश भरा। उन्होंने बताया कि वह दस साल पहले यह काम गांव से शुरू की थी। अब इसी काम के बदौलत पूरे प्रदेश में मिशाल बनी हुईं हैं। उन्हें इसी तरह के महिलाओं में जागरूकता लाने के लिए पद्मश्री का पुरस्कार मिला है।
इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव, एसपी नीतु कमल ने भी भाषण देकर महिलाओं में जोश भरा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं में आज भी वही गुण हैं जो झांसी की रानी लक्ष्मी बाई, दुर्गावती में थी। आज वे गांव में फैली सामाजिक बुराईयों को जड़ से उखाड़ फेकने में सक्षम हैं। बशर्ते उन्हें प्रशासन का सहयोग मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को कानून को अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। बस वे गांव में मौजूद बदमाशों की सूचना पुलिस को देना है। इसके बाद पुलिस ऐसे बदमाशों से निपटने सक्षम होगी। इस दौरान जिले के दूर दराज से आई हुई महिलाओं व युवतियों को टोपी पहनाकर, बैज लगाकर उन्हें सम्मानित कर महिला कमांडो का दर्जा दिया।
अपराध रोकना मूल उद्देश्य
एसपी नीतु कमल ने जिले में अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहीं हैं। बीते डेढ़ माह में वे काफी हद तक अपने मकसद में कामयाब हैं। चाहे कोल डिपो का संचालन बंद करना हो, जुआ सट्टा बंद कराना हो या गांव -गांव में अवैध शराब की बिक्री लगाम लगाना हो। एसपी नीतु कमल के आने के बाद गांव में ५० प्रतिशत अपराध कम हो गया है। शेष बचे ५० प्रतिशत अपराध में कमी लाने वह जिले में महिला कमांडो टीम गठित कर मिशाल पेश करना चाह रहीं हैं। यही वजह है कि जिले में पहली बार पुलिस के द्वारा महिलाओं का इतना बड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गुंडरदेही महिला कमांडो बनी ब्रांड अंबेसडर
कार्यक्रम में बलोद जिले के गुंडरदेही की एक दर्जन महिलाएं जांजगीर के समारोह में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वे कब से काम शुरू कीं हैं और कैसे काम करतीं हैं। कार्यक्रम में उनके लिए अलग से स्टेज बनाया गया था और उन्हें बिठाया गया था। महिलाएं लाल साड़ी पहनकर व लाल टोपी लगाकर कार्यक्रम में मौजूद थीं।