
जांजगीर-चांपा. गर्मी ने भले ही अभी दस्तक नहीं दी है लेकिन जिला मुख्यालय जांजगीर के कई इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। जलस्तर गिरने लगा है जिससे बोर और हैंडपंपों में पानी की धार पतली होने लगी है। कुछ देर बाद ही हैंडपंप और बोर से पानी निकलना बंद होने लगा है। इससे लोगों को पानी के लिए अभी भी किल्लत शुरू होने लगी है।
खासकर केरा रोड स्थित कालेज, जेल परिसर, पुलिस लाइन सहित अन्य कालोनियों में लोग अभी से पानी मोहताज होने लगे हैं। पालिका को कई जगहों पर अभी से टैंकर भेजना पड़ रहा है जबकि अभी गर्मी की शुरूआत तक नहीं हुई है। पानी की समस्या शहर में अभी की नहीं बल्कि सालों से बनी हुई है मगर जिम्मेदार नगरपालिका के अधिकारी सालों बाद भी शहर में पानी सप्लाई की स्थायी व्यवस्था नहीं बना पाए। जबकि शासन ने शहरवासियों को पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए करोड़ों रुपए की नल जल योजना की सौगात दे रखी है मगर अब जाकर इसका काम शुरू हो पाया है। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय जिला मुख्यालय का ५० फीसदी इलाका गर्मी के तीन महीने भीषण जल संकट का शिकार हो जाता है। खासकर शहर के २५ फीसदी इलाका केरा रोड पानी की किल्लत से जूझता है। इस रूट में पुलिस लाइन के तकरीबन १०० परिवार, सैकड़ो रंगरूट निवासरत है जो गर्मी के तीन माह बूंद बूंद के लिए जूझते हैं। पुलिस लाइन, नया बस स्टैंड इलाका, जिला जेल समेत शांति नगर में गर्मी के दौरान पानी की भयंकर किल्लत होती है। इसी तरह दीनदयाल कॉलोनी में रहने वाले लोगों को गर्मी के सीजन भर पानी की किल्लत से जूझना पड़ता है। इन इलाकों में रहने वाले परिवारों को बीडीएम गार्डन से पानी उपलब्ध कराता है। स्थिति तो यह रहती है कि टैंकर के सहारे ही इन इलाकों में पानी की व्यवस्था बनती है। जिसके कारण पानी का टैंकर पहुंंचते ही लोगों के बीच पानी लेने के लिए होड़ मच जाती है।
नगरपालिका के पास पर्याप्त टैंकर भी नहीं
जिला मुख्यालय जांजगीर में २५ वार्ड है, जहां की आबादी ४५ हजार से ज्यादा पार हो गई है मगर नगरपालिका के पास अभी भी शहर में पानी सप्लाई के लिए पर्याप्त टैंकर भी नहीं है। अधिकारियों को मालूम है कि गर्मी के दौरान पानी के लिए कितनी मारामारी मचती है। जिसके कारण एक ही टैंकर को कई बार वार्डों में चक्कर लगाना पड़ता है। जिससे आधे लोगों को तो पानी ही नहीं मिल पाता जिसके कारण नपा के कर्मचारी आधी रात तक टैंकर से पानी सप्लाई करना पड़ता है। जिला मुख्यालय होने के बाद भी अधिकारी यहां पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं बना पाए, जबकि ऐसा नहीं है कि शासन ने पैसा नहीं दिया हो, इसके लिए ३१ करोड़ रुपए शासन ने दे रखे हैं मगर जिम्मेदार हर साल देखते हुए निकाल लेते हैँ और लोग भुगतने मजबूर हैं।
गर्मी अभी आई नहीं और गिरने लगा लेवल
गर्मी की अभी शुरूआत भी नहीं हुई है। इस साल तो फरवरी में भी कई दिन मौसम बेमौसम बारिश का रहा है जिससे गर्मी का अहसास अभी तक ठीक से हो नहीं पाया है मगर पानी की समस्या जरूर धीरे-धीरे शुरू होने लगी है। कई मोहल्लों में बोर का पानी अब सूखने लगा है। स्थिति ऐसी होने लगी है कि बीच-बीच में बोर को बंद करने के बाद पानी निकल रहा है। ऐसी स्थिति अभी आगे क्या होगा, इसे सोचकर डरने लगे हैं।
पानी की सप्लाई के लिए नगरपालिका गंभीर है। पालिका में ७ टैंकर है। जिसमें पांच टैंकर वार्डों में पानी की आपूर्ति करता है। वहीं दो टैंकर विशेष आयोजनों के लिए सुरक्षित रहता है।
-आशुतोष गोस्वामी, उपाध्यक्ष नपा जांजगीर