
HSRP Number Plate: 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदी गई गाड़ियों की पुरानी नंबर प्लेट को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) में बदलने को लेकर सालभर पहले जिस रफ्तार से हाय-तौबा मची थी, उसी रफ्तार से अब इस योजना पर ब्रेक लग गया है। एचएसआरपी लगाने के लिए खोले गए 90 प्रतिशत सेंटरों में ताला लटक चुका है। कंपनी के लोग बोरिया-बिस्तर समेटकर जा चुके हैं। इतना ही नहीं, नंबर प्लेट बदलने के लिए नए आवेदनों पर भी ब्रेक लग गया है।
लेकिन रुकिए… इसका मतलब यह मत समझिए कि जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में अब ऐसी गाड़ियां ही नहीं बची हैं, जिनमें एचएसआरपी लगना बाकी है और इसलिए सेंटरों की जरूरत नहीं है। तस्वीर इससे उलट है। 1 लाख 95 हजार से ज्यादा गाड़ियों में अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है और ये सड़कों पर दौड़ रही हैं। लेकिन इन्हें किसी का कोई डर नहीं है। क्योंकि न तो पुराने नंबर प्लेट लगे वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर रही है और न ही परिवहन विभाग को कोई मतलब है। सड़कों पर बेधड़क पुराने नंबर प्लेट लगे वाहन दौड़ाकर चालक यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
एचएसआरपी को लेकर जिले में परिवहन विभाग की गतिविधियां भी शून्य नजर आ रही हैं। एचएसआरपी लगाने के लिए वाहन मालिकों को प्रेरित करने के लिए न तो कहीं जागरूकता कैंप लग रहा है और न ही किसी तरह का प्रचार-प्रसार हो रहा है। न ही किसी तरह की सख्ती बरती जा रही है। सड़कों पर रोज पुराने नंबर प्लेट वाली दर्जनों गाड़ियां दौड़ रही हैं, पर एक भी वाहन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवहन विभाग कार्रवाई के लिए मैदानी अमले की कमी बताकर ट्रैफिक विभाग पर ठीकरा फोड़ रहा है कि कार्रवाई उन्हें करनी चाहिए।
परिवहन विभाग के मुताबिक, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले को मिलाकर 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड 2 लाख 66 हजार वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का लक्ष्य है। 19 अगस्त 2026 तक की स्थिति में 79 हजार 1 वाहनों में एचएसआरपी लगाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुआ है। इनमें से 70,290 वाहनों में ही एचएसआरपी लग पाई है। इस तरह 1 लाख 95 हजार से ज्यादा वाहनों में एचएसआरपी लगना बाकी है।
मगर ऐसे वाहन मालिक अब एचएसआरपी लगाने पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। सेंटरों में ताला लगने के पीछे बड़ी वजह यही सामने आई है कि इन सेंटरों में कोई नहीं पहुंच रहा था। कर्मचारी खाली बैठे रहते थे। कुछ दिन देखने के बाद कंपनी के लोग बोरिया-बिस्तर समेटकर चले गए।
जिला परिवहन अधिकारी जांजगीर-चांपा विवेक सिन्हा के मुताबिक, जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी होगी, ऐसे वाहनों के आरटीओ से संबंधित विभागीय कार्य नहीं होंगे। नियमों में कुछ बदलाव भी हुए हैं। पुराना नंबर अपडेट नहीं होने पर भी अब एचएसआरपी लगवा सकते हैं। सेंटरों के अलावा ऑटो डीलर्स के यहां भी एचएसआरपी लगवाई जा सकती है।