नगर पंचायत शिवरीनारायण जिले की पहली निकाय बन गई है, जिसे शासन की ओर से ओडीएफ घोषित किया गया है।
नगर को ओडीएफ घोषित करने से पहले सोमवार को दिल्ली की एक टीम ने नगर की गंदी बस्ती, आवासीय क्षेत्र, सब्जी बाजार, स्कूल और महानदी के किनारे बने घाटों को देखा।
निरीक्षण के बाद टीम ने सबंधित क्षेत्रों को प्रोटोकॉल के अनुरूप ओडीएफ पाए जाने पर मुख्यालय को ओके रिपोर्ट भेजी तो केंद्र सरकार की ओर से नगर पंचायत को ओडीएफ घोषित किया गया है।
नगर पंचायत शिवरीनारायण की आबादी 12 हजार से अधिक है, जो 15 वार्डों में बांटा है। नगर पंचायत की ओर से नगर को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए 700 हितग्राहियों के घरों में शौचालय बनाया गया।
नगर के विभिन्न स्थानों और महानदी किनारे घाटों पर करीब 10 सार्वजनिक शौचालय बनाया गया। शासन को ओडीएफ के लिए प्रस्ताव भेजा था। ओडीएफ के लिए भेजे गए प्रस्ताव में दिल्ली की एक टीम सोमवार 31 जुलाई को शिवरीनारायण पहुंची थी।
टीम में नगरीय प्रशासन विभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक नीलांबर नायक, अधीक्षण अभियंता पीएन साहू भी शामिल थे। टीम ने सोमवार को नगर के स्लम बस्ती वार्ड क्रमांक एक, तीन, चार के आवासीय कॉलोनी, सब्जी मार्केट, स्कूल और महानदी के घाटों का निरीक्षण किया।
सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक टीम के सदस्यों ने नगर के वार्ड क्रमांक एक शिकारी डेरा, कन्या मिडिल शाला, वार्ड कमांक दो बुनियादी प्राइमरी शाला, बावा घाट, मेला मैदान, साव घाट, डोंगा घाट, सब्जी मार्केट को देखा। इसके अलावा नदी किनारे बने सार्वजनिक शौचालयों एवं वहां उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।
टीम को सभी जगह की वस्तुस्थिति प्रोटोकॉल के अनुसार ही मिली। टीम ने सोमवार को ही अपनी रिपोर्ट दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दी थी, जहां से उन्हें ओके रिपोर्ट मिल गई।
- धार्मिक स्थल होने से सावन सोमवार के एक दिन पूर्व रविवार को महानदी से जल लेने के लिए हजारों की संख्या में कांवरियों का दल नगर पहुंचा था।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नगर पंचायत के अधिकारी-कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई थी। सीएमओ रविन्द्र शुक्ला एवं नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी नगर के चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं को खुले में शौच न करने और सार्वजनिक स्थानों में बने शौचालय का उपयोग करने की जानकारी देते हुए नजर आए। रातभर नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी कांवरियों पर नजर बनाए हुए थे।
दुकानों में जाकर जुटाई जानकारी
- दिल्ली से आई टीम कन्या मिडिल शाला और बुनियादी प्राइमरी शाला पहुंची। टीम ने सबसे पहले स्कूलों के शौचालयों का निरीक्षण किया। प्रधानपाठकों व कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से शौच से संबंधित सवाल पूछे।
छात्र-छात्राओं ने घर में शौचालय का उपयोग करने की जानकारी दी। वार्ड निरीक्षण में दुकानों में व्यापारियों व नागरिकों से भी खुले में शौच के संबंध में प्रश्न पूछे।
नगर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
- जिले के चार नगर पालिका परिषद और 11 नगर पंचायतों में शिवरीनारायण का ओडीएफ घोषित होना बड़ी बात है।
नपं अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि नगर पंचायत के लिए बड़ी उपलब्धि है। नगर को खुले में शौच मुक्त बनाने पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी से लेकर महिला समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधियों व प्राचार्यो की बैठक लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया।