ग्राम पंचायत पामगढ़ अब नगर पंचायत पामगढ़ बनकर अस्तित्व में आ गया है। २६ जुलाई को छत्तीसगढ़ राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायत पामगढ़ की सीमाएं ही नगर पंचायत पामगढ़ की सीमाएं होंगी। इस दिशा में नगरीय प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशन के बाद जिला प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। शासन के द्वारा यहां सीएमओ की नियुक्ति भी की जाएगी।
पामगढ़. राज्य सरकार ने पामगढ़ को नगर पंचायत बनाने को लेकर ६ अप्रैल को अधिसूचना जारी कर दी थी। प्रशासन ने नई नगर पंचायत के गठन की सूचना प्रकाशित कर लोगों से दावा आपत्ति मंगाया था। दावा-आपत्ति के लिए लोगों को 15 दिन का समय दिया गया था। दावा-आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पामगढ़ नगर पंचायत के गठन की अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशित कर कानूनी रूप दे दिया है। उल्लेखनीय है कि पामगढ़ को नपं बनाने की मांग सालों से हो रही थी। बीजेपी शासन काल में यह मांग उठी थी लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई। फिर मांग उठनी बंद हो गई थी। फिर सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस सरकार ने पिछले साल ग्राम पंचायत की जानकारी मांगी थी और फिर ६ अप्रैल को पामगढ़ को नपं बनाने सीधे अधिसूचना जारी कर दी थी।
2011 की जनसंख्या के अनुसार 6064 जनसंख्या
किसी नए पंचायत को शामिल किए बगैर पामगढ़ को नगर पंचायत बनाया गया है। ग्राम पंचायत की सीमाएं ही नगर पंचायत की भी सीमाएं होगी। २०११ की जनगणना के अनुसार पामगढ़ की जनसंख्या ६०६४ है। हालांकि इन १२ सालों में जनसंख्या बढ़ चुकी है। नपं बन जाने के बाद लोगों को नगरीय निकायों की तरह बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि अब उन्हें संपत्तिकर और समेकितकर भी लिया जाएगा। इसी तरह सरपंच अब नपं अध्यक्ष और पंच अब पार्षद कहलाएंगे।
इस दिशा में जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
आरके तंबोली, एसडीएम पामगढ़