जांजगीर चंपा

ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्टर व एसडीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए, जानें किस बात से खफा हैं ये ग्रामीण

- धरना प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।

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ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्टर व एसडीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए, जानें किस बात से खफा हैं ये ग्रामीण
ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्टर व एसडीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए, जानें किस बात से खफा हैं ये ग्रामीण

जांजगीर-चांपा. गांव के विभिन्न व्याप्त समस्याओं को लेकर नवागढ़ ब्लाक के तुस्मा के ग्रामीणों ने सोमवार को कचहरी चौक में धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कलेक्टर एसडीएम के मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। धरना प्रदर्शन के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। अपने ज्ञापन में कलेक्टर से कहा है कि गांव में धान खरीदी केंद्र की जमीन की फर्जी बिक्री को निरस्त किया जाए। इसके अलावा अटल व्यावसायिक परिसर के लिए पंचायत द्वारा प्रस्तावित जमीन पर ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। जिसे कब्जा से मुक्त किया जाए।

इतना ही नहीं कुछ लोग इस जमीन पर मंदिर निर्माण कर अतिक्रमण कर लिए हैं। इसका विरोध करते हुए सरकार से कई बार शिकायत कर चुके, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही है। सरकार के द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल और बढ़ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी मांगों का ज्ञापन कई बार सरकार को सौंप चुके हैं। यहां तक कि ग्रामीण अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को भी सौंप चुके, लेकिन उनकी मांगों का निराकरण नहीं हो रहा है। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने दो दिन पहले कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंप धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीण सोमवार को कचहरी चौक में इक_े हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसडीएम के मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सुबह 11 बजे से ग्रामीण मेटाडोर में बैठकर जांजगीर कचहरी चौक पहुंचे और शाम चार बजे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन सौपने वालों में पूरन प्रसाद, धनेश्वर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

सीएम का आदेश रद्दी की टोकरी में
ग्रामीण पूरन प्रसाद, धनेश्वर ने बताया कि जब वे अपने गांव की समस्या को लेकर सीएम से मिलने गए तब सीएम ने कलेक्टर को आदेश करते हुए समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सीएम का आदेश कलेक्टर आफिस की रद्दी की टोकरी में चली गई। अलबत्ता गांव की समस्या जस की तस धरी की धरी रह गई। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा और फूट पड़ा और वे धरना प्रदर्शन को विवस हो गए।

Published on:
27 Aug 2018 07:45 pm