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Digital Agriculture India: धान बेचने वाले किसानों के लिए बड़ा अपडेट, जांजगीर-चांपा में एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं तो नहीं होगी धान खरीदी, जानें

AgriStack Registration Janjgir Champa: जांजगीर-चांपा जिले के धान उत्पादक किसानों के लिए इस साल धान खरीदी से पहले बड़ा बदलाव लागू किया गया है। सरकार ने एग्रीस्टैक किसान पंजीयन अनिवार्य कर दिया है।
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Janjgir-Champa Farmers

एग्रीस्टेक किसान पंजीयन की समस्या में उलझते दिख रहे भूमिस्वामी (AI Image)

Paddy Purchase AgriStack Mandatory: इन दिनों सरकार के एग्रीस्टेक पंजीयन के नए आदेश को लेकर किसान उहापोह की स्थिति में हैं। दरअसल, जांजगीर-चांपा जिले के सभी भूमिस्वामियों (नंबरदार) को इस साल सरकार ने एग्रीस्टेक में पंजीयन के नाम से संकट में डाल दिया है। क्योंकि भूमिस्वामियों के पर्ची में जितने लोगों (हिस्सेदारों) का नाम है उनके नाम से एग्रीस्टेक किसान पंजीयन कराना जरूरी है। सरकार का यह आदेश किसानों की टेंशन बढ़ा दी है। क्योंकि आज भी 90 फीसदी किसान या भूमिस्वामी जिनके नाम से सोसायटी में धान की बिक्री होती है। उन सभी हिस्सेदारों का एग्रीस्टेक किसान पंजीयन होना जरूरी है।

ऐसे में एक पर्ची में जितने लोगों का नाम शामिल है उन सभी हिस्सेदारों का किसान पंजीयन कराना जरूरी है। तभी समितियों में धान की बिक्री होगी। नहीं तो किसानों का समितियों में धान बिक्री नहीं हो पाएगी। यहां पर बड़ी समस्या यह है कि इसके लिए तिथि 31 जुलाई तय की थी। लेकिन अब तक 25 फीसदी भी काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार आने वाले दिनों में तिथि बढ़ाएगी। नहीं तो 75 फीसदी किसान समितियों में सरकार के समर्थन मूल्य में धान बिक्री नहीं कर पाएंगे।

Paddy Procurement 2026: यह करना होगा

सभी किसानों को आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका लेकर तथा आधार में लिंक मोबाइल नंबर लेकर नजीदीकी च्वाइस सेंटर या सीएससी सेंटर या समिति में जाना होगा और एग्रीस्टैक किसान पंजीयन में पंजीयन कराना होगा। हालांकि दूर दराज में रह रहे भाई बहनों के मोबाइल नंबर और आधार नंबर लेकर फोन के माध्यम से पंजीयन कराया जा सकता है। क्योंकि भाई बहनों के मोबाइल में ओटीपी नंबर जाएगा। जिससे पंजीयन कराया जा सकता है।

सरकार का यह कहना

सरकार का कहना है कि अब केवल लंबरदार या मुख्यिा किसान का पंजीयन पर्याप्त नहीं है। एक खाते में यदि पांच किसान हैंं तो पांच किसानों का अलग-अलग एग्रीस्टेक किसान पंजीयन कराना आवश्यक है। पहले केवल लंबरदार पंजीयन होता था। लेकिन अब प्रत्येक हिस्सेदार किसान का पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते वे किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं जिनके (Digital Agriculture India) ज्यादातर संख्या में भाई बहन हैं। इतना ही नहीं वे किसान और ज्यादा परेशान हैं जिनके हिस्सेदार जिले में या प्रदेश में रहते हैं।

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