प्रदेश सहित जिले में दुपहिया चालक के लिए हेलमेट अनिवार्य, लेकिन यहां खुलेआम उड़ रही नियमों की धज्जियां
पत्रिका इम्पैक्ट स्टोरी
अमानुल्ला मलिक
जशपुरनगर. प्रदेश सहित जिले में भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है, जशपुर पुलिस इसे लेकर पहले कई बार दोपहिया वाहन चालकों को समझाईश भी दे चुकी है। साथ ही नियम लागू होने के बाद कभी-कभार कार्रवाई भी की। पर उसके बाद अब बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिससे अभी भी अधिकांश लोग बिना हेलमेट के ही बेखौफ दोपहिया वाहन चला रहे हैं।
कभी कभार की कार्रवाई और समझाईश से हेलमेट को लेकर नहीं आई जागरुकता
बीते साल हेलमेट की अनिवार्यता लागू होने के बाद जशपुर पुलिस ने अभियान चलाकर वाहन चालकों को हेलमेट पहनने की समझाईश दी थी और कार्रवाई भी की थी। इसके लिए दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया था। इस बीच कुछ लोगों ने तो हेलमेट खरीद लिया था और उसका उपयोग भी कर रहे थे। पर इसके बाद पुलिस के सुस्त पड़ते ही अधिकांश लोग बिना हेलमेट के ही अपनी दुपहिया वाहन चला रहे हैं। जबकि हेलमेट की अनिवार्यता पूरी तरह उनकी सुरक्षा से जुड़ा मसला है। इसके बावजूद भी वे हेलमेट पहनने से बच रहे हैं। इसे पुलिस ने कई बार वाहन जांच अभियान चलाकर हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की और ऐसे चालकों पर जुर्माना भी लगाया गया। पर पुलिस की कार्रवाई अब पहले जैसी सख्त नहीं रही और हेलमेट का मामला एक तरह से अब ठंढे बस्ते मेें दिखाई दे रहा है।
ढीली पड़ गई पुलिसिया कार्रवाई
हेलमेट को लेकर पुलिस व यातायात पुलिस जिन स्थानों पर जांच करती है, उसके बारे में सभी को पता रहता है। मुख्य रूप से महाराजा चौक, थाना के सामने, गम्हरिया चौक, गिरांग तिराहा पर ही आमतौर पर पुलिस वाहनों को रोककर जांच करती है। जबकि शहर में कई मार्ग हैं, जिससे जांच के दौरान वाहन चालक आसानी से कार्रवाई से बच जाते हैं। जिसे देखते हुए पुलिस को मोबाइल जांच की जरूरत है। वज्र वाहन या अन्य वाहन में पुलिस व यातायात के जवान शहर में घूम-घूमकर अगर कार्रवाई करेंगे, तो बिना हेलमेट वाले कई वाहन चालक कार्रवाई
से बच नहीं सकते।
हेलमेट को लेकर नियमित सख्ती की जरूरत
जिले में पुलिस व यातायात पुलिस की कार्रवाई नियमित नहीं होने के कारण भी लोगों में कार्रवाई को लेकर भय नहीं है। जिससे वे बेखौफ होकर बिना हेलमेट के उनके सामने से ही निकल जाते हैं। शहर के बस स्टैंड, महाराजा चौक में नियमित रूप से यातायात के जवान तैनात रहते हैं। पर उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती। पुलिस भी एकाध पर निर्धारित स्थान पर जांच अभियान चलाकर शांत हो जाती है। लोगों का कहना है कि अगर नियमित रूप से जांच की जाएगी, तभी इसका पालन सही तरीके से हो सकेगा।