पुलिसिंग व्यवस्था हुई ढीली, एक साथ 13 एसआई के तबादले से 25 पद हुए खाली।
जशपुरनगर. जिले में दिनों - दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। कभी कबाड़ी की दुकान पर लाखों रुपए नगदी की चोरी तो कभी सरकारी कार्यालय पीएचई विभाग से आवश्यक दस्तावेज और कम्प्यूटर की चोरी। इन सभी वारदातों ने पुलिसिया व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। पुलिस की गश्ती टीम की सक्रियता के साथ ही पुलिस के अधिकारियों की मॉनिटरिंग और व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
इन वारदातों के संबंध में जब पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय की शहरी क्षेत्रों में रात्रि गश्त के लिए 5 प्वाइंट बनाया गया है, जहां गश्ती टीम को लगाया जाता है। लेकिन बल की भारी कमी की वजह से 5 की जगह सिर्फ 2 प्वाइंट पर ही गश्ती हो रही है। और यही प्रमुख वजह है कि चोर आसानी से अपने पांव पसार रहे हैं और छोटी से लेकर बड़ी चोरियों की घटना को अंजाम दे रहे हैं। ज्वैलर्स शॉप और पीएचई विभाग में चोरी की घटना से जशपुरवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अगर व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार नहीं किया गया तो घरों में भी चोरी के वारदात आम हो जाएंगे।
13 गए और 4 ही आए
पुलिस मुख्यालय की ओर से जशपुर की आबादी और थाना व चौकियों की व्यवस्था को देखते हुए बल के लिए दी गई स्वीकृति से भी कम पुलिस जवानों की पोस्टिंग जशपुर जिले में पहले से की गई थी, जिससे की विभाग सब इंस्पेक्टरों की कमी से जूझ रहा था। कमी को दूर करने के बजाए प्रदेश के पुलिस मुख्यालय की ओर से समस्या और बढ़ा दी गई है।
दरअसल पुलिस मुख्यालय की ओर से कुल 257 सब इंस्पेक्टरों का तबादला अक्टूबर महीने में किया गया, जिसमें से 13 सब इंस्पेक्टर जशपुर जिले के शामिल हैं। थोक में हुए इस तबादले से जशपुर जिले के थाने और चौकियों में पहले से व्याप्त संकट और बढ़ गई है। इस तबादले ने जशपुर जिला की पुलिस व्यवस्था को अत्यधिक प्रभावित कर दिया है। जिले के लिए कुल 38 सब इंस्पेक्टरों के पद की स्वीकृति है, जिसमें 22 सब इंस्पेक्टर ही मिले थे। उसमें से भी एकमुश्त 13 का तबादला कर दिए जाने से संकट और बढ़ गई। दरअसल पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी सूची के अनुसार जशपुर जिले से 13 सब इंस्पेक्टर का तबादला किया गया है और उनके बदले सिर्फ 4 सब इंस्पेक्टर को जशपुर भेजा गया है, जिसमें अबतक पूरे आए भी नहीं हैं।
चुनाव पर चोरियां भारी
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू है। दिसंबर महीने में नगरीय निकाय का चुनाव होना है। ऐसे में जशपुर पुलिस प्रशासन को सब इंस्पेक्टर की कमी और अधिक महसूस होगी। वहीं चुनाव पर अब चोरी की घटनाएं भारी पडऩे लगी हैं। बल के बदलने के बाद उन्हें नए भौगोलिक क्षेत्र को जानने और समझने में थोड़ा वक्त जरूर लगता है ऐसे में पुलिस के लिए समस्याओं का अंबार लगना शुरू हो गया है और छोटे से लेकर बड़ेे चोरों की तादाद भी अब बढऩे लगी है।
थोक में बीजापुर भेजे गए पुलिस अधिकारी
थोक में जशपुर से बीजापुर भेज दिए जाने की बात को लेकर भी चर्चाएं जारी है। इस संबंध में यह बताया जा रहा कि प्रदेश सरकार की नीति के मुताबिक एक बैच के सब इंस्पेक्टर जो संवेदनशील क्षेत्र बस्तर जोन में नौकरी कर चुके हैं उन्हें मैदानी क्षेत्र में भेजा जाता है और जो मैदानी क्षेत्र में तैनात थे उन्हें बस्तर क्षेत्र भेजा जाता है। यह एक प्रक्रिया के तहत हुई है।
बल की कमी की वजह से दिक्कत हो रही है। शासन को मांग पत्र भेजा गया है। गश्ती प्वाइंट बढ़ाई जाएगी।
एसएल बघेल, एसपी जशपुर