आरिफ नांजा और रौनक परवीन ने पेश की कव्वाली
जशपुरनगर. जशपुर स्थित हजरत बाबा मलंग शाह रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर हर वर्ष आयोजित होने वाले सालाना उर्स की सोमवार को पारंपरिक धार्मिक धार्मिक आस्था हर्षोल्लास के बीच धूमधाम से शुरुआत हुई। सुबह बाबा की मजार पर गुस्ल और संदल की रस्म के बाद कुरान खानी का आयोजन हुआ और शाम को उर्स कमेटी की ओर से बाबा के मजार पर चादर पोशी के लिए धूमधाम से चादर निकली जिसके बाद मजार पर श्रद्धालुओं के द्वारा चादर चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ। देर शाम जशपुर कलेक्टर निलेश कुमार छीरसागर और जिले के पुलिस अधीक्षक शंकर लाल बघेल ने मजार पर अपनी ओर से चादर चढ़ाई और जिले की खुशहाली और शांति के लिए दुआ मांगी।
इसके बाद जिले के दोनों आला अधिकारी कव्वाली मैदान पहुंचे जहां उन्होंने कव्वाली के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया इस अवसर पर उस आयोजन समिति के अध्यक्ष महबूब अंसारी सेक्रेटरी सरफराज आलम, इमरान आलम, शब्बू कुरेशी, शकील खान और रफीक नाजिर ने कार्यक्रम के अतिथियों कलेक्टर निलेश कुमार छीरसागर, पुलिस अधीक्षक शंकर लाल बघेल, सीआरपीएफ ८१ बटालियन के कमांडेंट अनिल प्रसाद, भाजपा नेता नरेश नंदे और संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कलेक्टर निलेश कुमार शिरसागर ने कहा कि जिले के मुख्यालय जशपुर में हर साल आयोजित होने वाले उर्स और कव्वाली का आयोजन सामाजिक सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए यह एक बहुत अच्छी पहल है उन्होंने कहा कि जिले और शहर के लिए यह एक अच्छा आयोजन है और इसे आगे भी इसी रूप में आयोजित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे आयोजन के लिए जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
पूरी रात चला कव्वाली का चलता रहा दौर : कव्वाली की शुरूआत मुंबई के कव्वाल आरिफ नांजा ने की और उन्होंने खुदा की शान में हम्द और नाते रसूल पेश की। मुजफ्फरपुर की कव्वाला रौनक परवीन ने खुदा की शान में मैं क्या बताऊं वो कितने करीब है मेरे, मेरा ख्याल भी उसको सुनाई देता है पढ़ा। इसके बाद रौनक परवीन ने नाते रसूल और ख्वाजा गरीब नवाज की शान में मनकबद पढ़ा। आरिफ नांजा ने अपने दूसरे दौर की प्रस्तुति में ख्वाजा हिंदल वली हो निगाहें करम और देश भक्ति गीत सजनी है दूर सजन से, भंवरे हैं दूर चमन से, जवानों का खूं से तर दामन है, क्यामत सा आलम है गाकर लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।