Siberian Birds: साइबेरिया क्षेत्र से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर विदेशी प्रवासी पक्षी इस सर्दी में नीमगांव बांध पहुंच रहे हैं।
Siberian Birds: साइबेरिया क्षेत्र से हजारों किलोमीटर की लंबी उड़ान भरकर विदेशी प्रवासी पक्षी इस सर्दी में नीमगांव बांध पहुंच रहे हैं। प्रवासी पक्षियों के आगमन से यह जलाशय एक बार फिर जीवंत हो उठा है और पूरा इलाका पक्षियों की चहचहाहट से गूंज रहा है। हर साल की तरह इस बार भी भोजन, सुरक्षा और प्रजनन के लिए ये पक्षी साइबेरिया की कड़ाके की ठंड से बचकर यहां आते हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित नीमगांव बांध सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना बन चुका है। पक्षी प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों में इसे लेकर खासा उत्साह है, विशेषकर बांध के समीप प्रस्तावित पक्षी अभ्यारण्य के निर्माण से संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
संभागीय वन अधिकारी शशि कुमार ने बताया कि इस सर्दी में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी नीमगांव बांध पहुंचे हैं। वन विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार इस क्षेत्र में लगभग 120 से 130 प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं। इनमें विदेशी प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ स्थानीय और अन्य क्षेत्रीय प्रजातियां भी शामिल हैं।
डीएफओ ने बताया नीमगांव बांध में साइबेरिया क्षेत्र की कई दुर्लभ और आकर्षक प्रवासी प्रजातियां देखी जा रही हैं, जिनमें सलहक, ब्राह्मणी बत्तख, बार-हेडेड गूज, फ्लेमिंगो, पिंटेल, यूलैंड हेडेड स्टार और लिटिल कोरीडोव प्रमुख हैं। इन प्रजातियों की मौजूदगी इस क्षेत्र के समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र को दर्शाती है। बांध के पास पक्षी विहार बनाए जा रहे है जिसमें पक्षी प्रेमियों व पर्यटक पक्षियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
नीमगांव के सरपंच नागेंद्र भगत ने कहा कि यह बांध अब विदेशी प्रवासी पक्षियों का बड़ा आकर्षण केंद्र बनता जा रहा है, जिससे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से भी पर्यटक और पक्षी विशेषज्ञ यहां पहुंच रहे हैं। हर साल 15 नवंबर से विदेशी प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है, जो फरवरी माह तक यहां प्रवास करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग इस मनोहारी दृश्य को देखने पहुंचते हैं।
वन मंडल जशपुर की ओर से नीम गांव के पक्षी मित्रों को प्रशिक्षण के लिए गिधवा परसदा रायपुर भेजा गया। वहां उन्होंने पक्षी संरक्षण का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस प्रशिक्षण में नीम गांव के विशाल भगत, अजय भगत, परमेश्वर भगत, आतिश कुमार भगत, बिंदेश्वर राम भगत एवं शीतल भगत शामिल रहे। पक्षी मित्रों ने गिधवा परसदा क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ अन्य स्थानीय एवं क्षेत्रीय पक्षी प्रजातियों की पहचान, उनके आगमन काल और संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।