धान की खरीदी- बिक्री पर सख्ती से परेशान छोटे किसान, संकट में गैर पंजीकृत किसान।
जशपुरनगर . प्रदेश में दूसरे राज्यों के धान को खपाने की बिचौलियों और तस्करों की मंशा पर भूपेश सरकार ने सख्त पहरा लगाकर करारा चोट किया है। इसका प्रभाव ओडिशा और झारखंड की सीमाओं से लगे समूचे जशपुर जिले में देखने को मिल रहा है। जिले भर में धान खरीद-बिक्री की गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है और अवैध पाए जाने पर उनके खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है।
जशपुर जिला झारखंड और ओडिशा राज्य की सीमाओं को छूता है, लिहाजा इन दो राज्यों से छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने में धान खपाने का काम पहले के सालों में किया जा चुका है, यही वजह है कि स्थानीय प्रशासन यहां कड़ी कार्रवाई कर रही है। लेकिन एक ओर जिन किसानों को लाभांवित करने के इरादे से धान पर सख्ती की जा रही है वहीं दूसरी तरफ उन्हीं किसानों के परिवार को नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। धान से आने वाली आय पर आश्रित किसान के सामने तेल-नमक खरीदने का संकट सामने आ चुका है। दरअसल सरकार के सख्त निर्देश जारी होने के बाद से ही धान खरीदने वाले छोटे-बड़े खरीदारों के ठिकानों पर दबिश देकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है और प्रशासन की इस कार्रवाई से खौफ में आए खरीदार भी धान खरीदने से मना करने लगे हैं।
झारखंड के धान पर नजर
जशपुर से झारखंड राज्य की सीमा लगा होने की वजह से यहां अत्यधिक मात्रा में वहां से धान की अवैध खेप यहां खपाई जाती है और इसे बिचौलिया मंडी में पहुंचाकर समर्थन मूल्य में बेचकर लाखों की कमाई करता है। इसलिए झारखंड का एक दाना धान भी छत्तीसगढ़ न पहुंचे इसके लिए प्रशासनिक कसावट रखी जा रही है। जिले के बॉर्डर के इलाके के चप्पे-चप्पे पर राजस्व अधिकारियों की नजर है।
बनाए पांच नए चेक पोस्ट
जिलेभर में दूसरे प्रांतों से धान आने की संभावनाओं को देखते हुए जशपुर जिले के ओडिशा और झारखंड से लगने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में 12 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। वहीं शनिवार को पांच नए चेक पोस्ट भी बनाए गए हैं।
कलेक्टर से मिला व्यापारी संघ
धान खरीदने पर हो रही कार्रवाई से प्रभावित धान का व्यापार करने वाले व्यापारी अपने संगठन व्यापार संघ के अध्यक्ष दिलीप डींपल जैन की उपस्थिति में बुधवार को कलक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर से मुलाकात की और इस संबंध में अपनी बातें उनके सामने रखी। डिंपल जैन ने बताया कि कलक्टर से मुलाकात के बाद उन्होंने व्यापार संघ से कहा कि आप झारखंड का धान नहीं खरीदें और आप जो भी धान खरीद रहे हैं उनका मंडी शुल्क जरूर चुकाएं और रसीद कटाएं। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार संघ को कुछ समस्या हो रही है उस पर विचार किया जाएगा।
अवैध धान खरीदी पर मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। धान खरीदी पर रोक नहीं है। जो भी धान खरीद रहे हैं वे पंजीकृत व्यापारी नियमत: मंडी शुल्क चुकाएं और रसीद कटाएं। धान के अवैध परिवहन में किसी भी प्रकार की ठील नहीं दी जाएगी।
निलेश कुमार क्षीरसागर, कलेक्टर जशपुर
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