जशपुर

CG News: जशपुर जिले की बेटियों ने रचा इतिहास, सरकारी सेवा में पहुंचीं अनेक युवतियां, 100 में 43 पद किए अपने नाम

CG News: जशपुर जिले में होमगार्ड के कुल 100 पदों में से 43 पदों पर नव संकल्प की छात्राओं का चयन हुआ, जबकि 2 छात्राओं ने अन्य जिलों के लिए चयन प्राप्त किया।

2 min read
Aug 13, 2025
जशपुर जिले की बेटियों ने रचा इतिहास (Photo Patrika)

CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्था ने एक बार फिर उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है। संस्था की 45 छात्राओं का चयन गृह रक्षक (होमगार्ड) के पद पर हुआ है। इन चयनित छात्राओं ने नव संकल्प के पुलिस बैच में आवासीय व्यवस्था के साथ नियमित प्रशिक्षण प्राप्त किया था। विशेष उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले में होमगार्ड के कुल 100 पदों में से 43 पदों पर नव संकल्प की छात्राओं का चयन हुआ, जबकि 2 छात्राओं ने अन्य जिलों के लिए चयन प्राप्त किया।

नव संकल्प शिक्षण संस्थान के अनुसार, गृह रक्षक भर्ती हेतु शारीरिक परीक्षा सितम्बर 2024 में संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में आयोजित की गई थी। इसमें सफल अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा व्यापम द्वारा 22 जून को ली गई। परीक्षा का परिणाम एवं मेरिट सूची 9 अगस्त को जारी हुई, जिसमें नवसंकल्प की 45 छात्राओं ने सफलता का परचम लहराया।

ये भी पढ़ें

CG News: अबूझमाड़ की 2 आदिवासी बेटियों ने रच दिया इतिहास, छत्तीसगढ़ अंडर-15 स्टेट कैंप में हुआ चयन

छात्राओं की शारीरिक तैयारी में जशपुर पुलिस का विशेष सहयोग रहा तथा रक्षित ग्राउंड में नियमित अभ्यास कराया गया। वहीं, लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए प्रतिदिन कक्षाएं, टेस्ट सीरीज एवं करंट अफेयर्स मैग्जीन उपलब्ध कराई गई। संस्थान की छात्रा नमिता बडा ने सरगुजा संभाग में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने का गौरव हासिल किया। दुलदुला निवासी नमिता ने शारीरिक परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक तथा लिखित परीक्षा में 77 अंक प्राप्त कर कुल 177 अंक अर्जित किए।

पत्थलगांव विकासखंड की कुमारी रूपा पैंकरा ने कहा मुझे नौकरी करने की गहरी इच्छा थी, लेकिन सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा था। नव संकल्प के बारे में जानकारी मिली तो उम्मीद जगी। यहां आकर मैंने पहली बार फिजिकल ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। जब चयन की खबर मिली तो मेरे घर में जैसे खुशी का माहौल बन गया। यह मेरे परिवार की पहली सरकारी नौकरी है और मैं चाहती हूं कि मेरे गांव की और भी लड़कियां इस तरह आगे बढें।

कांसाबेल विकासखण्ड की आराधना पैंकरा ने भावुक होकर कहा मेरी मां नहीं है और मैं बचपन से दादा-दादी के साथ रहती हूं। आर्थिक और पारिवारिक कठिनाइयां हमेशा रही हैं, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। नवसंकल्प में आने के बाद लगा कि मेरे सपनों को पंख मिल गए हैं। यहां न केवल पढ़ाई और प्रशिक्षण मिला, बल्कि यह विश्वास भी मिला कि कठिनाइयों के बावजूद सफलता संभव है। आज जब दादा-दादी की आंखों में खुशी के आंसू देखती हूं, तो लगता है मेरी मेहनत रंग लाई। मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन और शिक्षकों का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने हमें यह अवसर प्रदान किया।

जिला प्रशासन जशपुर की यह पहल ग्रामीण छात्राओं के लिए न केवल अवसरों के द्वार खोल रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सरकारी सेवा में योगदान देने का सुनहरा अवसर भी प्रदान कर रही है।

साझा किया अनुभव

कुमारी सविता भगत ने अनुभव साझा करते हुए कहा नवसंकल्प ने हमें जो सुविधाएं दीं, यदि इन्हें बाहर जाकर लेना पड़ता तो बहुत अधिक खर्च होता। यहां हमें नि:शुल्क पढ़ाई, हॉस्टल, भोजन और फिजिकल ट्रेनिंग मिली। प्रतिदिन का अभ्यास, टेस्ट और मोटिवेशन क्लास ने हमें लक्ष्य के करीब पहुंचाया।

Updated on:
13 Aug 2025 12:54 pm
Published on:
13 Aug 2025 12:53 pm
Also Read
View All

अगली खबर