झाबुआ

‘कड़कनाथ मुर्गों’ पर हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा, खाएंगे 6 जंबो कूलर की हवा

MP News: 35 डिग्री से अधिक तापमान कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे की सेहत के लिए सही नहीं है। इससे उनके उत्पादन पर असर होता है।

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May 14, 2025
Kadaknath

MP News: मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश तो कहीं गर्मी ने बेहाल कर रखा है। जिले में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री पर जा पहुंचा, अब इसमें वृद्धि का अनुमान है। ऐसे में गर्मी के चलते कड़कनाथ मुर्गे पर हीट स्ट्रोक का खतरा मंडराने लगा है। शासकीय कड़कनाथ कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में 6 जंबो कूलर लगाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल खिड़कियों पर टाट के पर्दे बांधकर दिन में चार बार उन्हें गीला किया जा रहा है, ताकि तापमान नियंत्रित रहे और कड़कनाथ सुरक्षित।

गौरतलब है कि 35 डिग्री से अधिक तापमान कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गे की सेहत के लिए सही नहीं है। इससे उनके उत्पादन पर असर होता है। लिहाजा कड़कनाथ कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में गर्मी से बचाने के लिए कूलर लगाए जाना है। वर्तमान में कड़कनाथ को नियमित इलेक्ट्रोलाइट पाउडर के साथ विटामिन सी, प्याज और बी कॉप्लेक्स की खुराक भी दी जा रही है। जिससे उनकी सेहत सही रहे और अंडे व चूजे का उत्पादन प्रभावित न हो।

तीन तरह का होता है कड़कनाथ

जेड ब्लैक: पंख पूरी तरह से काले होते हैं।

पेंसिल्ड: जिस तरह पेंसिल से शेड बनाया जाता है उसी तरह के शेड कड़कनाथ के पंख पर नजर आते हैं।

गोल्डन: इस कड़कनाथ के पंख पर गोल्डन छींटे दिखाई देते हैं।

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35 डिग्री से अधिक तापमान होने पर कड़कनाथ चूजे का उत्पादन प्रभावित होता है

37.2 डिग्री पर पहुंच गया है अधिकतम तापमान

कड़कनाथ को गर्मी से बचाने के लिए खुराक बदली गई है। इससे उन्हें हीट स्ट्रोक न हो। चूंकि अब गर्मी बढ़ रही है और ऐसे में बाहरी तापमान के साथ कमरे के आंतरिक तापमान में भी इजाफा होगा। इसलिए हेचरी के बाहर कूलर लगाए जाएंगे। जिससे चूजों के उत्पादन पर असर न हो।- डॉ. एएस दिवाकर, प्रबंधकशासकीय कड़कनाथ कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र, झाबुआ

Published on:
14 May 2025 05:09 pm
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