LPG Cylinder Crisis: नए नियमों की जानकारी मिलते ही गैस उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
LPG Cylinder Crisis: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। गैस कंपनियों ने एलपीजी सप्लाई और बुकिंग के नियमों में सख्ती कर दी है, जिससे झाबुआ जिले के हजारों घरेलू उपभोक्ताओं और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। नए निर्देशों के तहत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अब एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर का कोटा पूरा होने के बाद 13वां सिलेंडर नहीं मिलेगा। साथ ही सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर अनिवार्य कर दिया गया है।
गैस कंपनियों ने नियमों को और सख्त करते हुए ई-केवाईसी और डीएसी ओटीपी को भी अनिवार्य कर दिया है। अब बिना ई-केवाईसी अपडेट किए और डीएसी ओटीपी सत्यापन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ता सत्यापन और गैस वितरण में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बन सकती है।
कारोबारियों की बढ़ी चिंता झाबुआ जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भंडार के पास एचपी गैस की एजेंसी है, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 32 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। वर्तमान हालातों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई पर भी अघोषित रोक की चर्चा है। जिले में फिलहाल लगभग 200 कमर्शियल कनेक्शन हैं, जबकि स्टॉक में केवल 65 सिलेंडर ही बचे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है।
नए नियमों की जानकारी मिलते ही गैस उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। एजेंसी कार्यालयों और ऑनलाइन पोर्टल पर सिलेंडर बुकिंग के लिए भीड़ बढ़ गई है। कई उपभोक्ता आशंका जता रहे हैं कि यदि सप्लाई कम हुई तो भविष्य में गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है या कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इसी डर के चलते लोग जल्द से जल्द अपना कोटा सुरक्षित करने की कोशिश में जुटे हैं।
जिला सहकारी थोक उपभोक्ता भंडार के गैस प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर हर लोड में लगभग 50 कमर्शियल सिलेंडर प्राप्त होते हैं। आगामी मांग को देखते हुए 50 सिलेंडरों का अतिरिक्त ऑर्डर भेजा गया है। उपभोक्ताओं से धैर्य रखने और नियम पालन की अपील की है।