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एमपी में ‘5 हजार’ अतिथि विद्वानों के आएंगे अच्छे दिन, लेकिन कब ? उठे सवाल

MP News: कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में सवाल पूछकर हरियाणा मॉडल को लागू करने के संबंध में जानकारी मांगी थी।

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Guest teachers

Guest teachers प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में वर्षों से पढ़ा रहे अतिथि विद्वानों को लेकर सरकार के दावे अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। हाल ही में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था, अतिथि विद्वानों को नियमित करने हरियाणा मॉडल का अध्ययन कराया जा रहा है। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी। मंत्री के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की, जो रिपोर्ट भी सौंप चुकी है। लेकिन सदन में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हरियाणा मॉडल लागू करने विभाग ने कोई कमेटी गठित नहीं की है।

जयवर्धन ने पूछा सवाल

दरअसल, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में सवाल पूछकर हरियाणा मॉडल को लागू करने के संबंध में जानकारी मांगी थी। उन्होंने पूछा था कि क्या इस विषय में विभाग ने कोई कमेटी बनाई है और यदि बनाई है तो उसके सदस्य कौन हैं तथा कमेटी ने किन बिंदुओं पर रिपोर्ट दी है। इसके जवाब में मंत्री ने साफ किया कि इस संबंध में कोई कमेटी नहीं बनी है। बता दें, प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन 569 सरकारी कॉलेजों में लगभग 5 हजार अतिथि विद्वान वर्षों से पढ़ा रहे हैं। लेकिन उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई जा सकी है।

कमेटी में ये सदस्य शामिल

डॉ. भारती जैन, प्राध्यापक रसायन विज्ञान, एलएलबी कॉलेज, संयोजक डॉ. एचके गर्ग, प्राध्यापक जूलॉजी, उच्च शिक्षा उत्कृष्ट संस्थान, सदस्य डॉ. अजय कुमार भारद्वाज, प्राध्यापक, वनस्तपति विज्ञान, उच्च शिक्षा उत्कृष्ट संस्थान, सदस्य डॉ. सीमा हाडिकर, प्राध्यापक, भौतिक विज्ञान, नूतन कॉलेज, सदस्य डॉ. डेनीयल ग्लांस डेनी, सह प्राध्यापक वाणिज्य, नूतन कॉलेज, सदस्य डॉ. महेंद्र मेहरा, सहायक प्राध्यापक, भौतिक विज्ञान, एमवीएम, सदस्य डॉ. भूपेंद्र झा, सहायक प्राध्यापक, अंग्रेजी, एमएलबी, सदस्य

5 जनवरी को गठित की कमेटी

मंत्री के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने पांच जनवरी को 7 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी को हरियाणा मॉडल का अध्ययन कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपनी थी।