MP News: गुजरात में पेट्रोल सस्ता और निगरानी ढीली, इसलिए हर महीने MP में सवा लाख लीटर तस्करी हो रहा है। घरों में ड्रम भरकर पेट्रोल स्टोर होने से बड़ा धमाका कभी भी संभव।
MP-Gujarat Border Petrol Smuggling: मध्यप्रदेश-गुजरात सीमा पर हर महीने सवा लाख लीटर पेट्रोल की तस्करी। यह कोई आंकड़ा नहीं, बल्कि झाबुआ के पिटोल-फुलमाल-अंतरवेलिया-कल्याणपुरा-राणापुर तक फैला जमीनी सच है। मप्र की तुलना में गुजरात में पेट्रोल 12.24 रुपए सस्ता होने से अवैध कारोबारी बड़े पैमाने पर पेट्रोल की खेप झाबुआ में खपा रहे हैं।
काले कारोबारियों का को मासिक मुनाफा 14,68,000 रुपए से भी अधिक बैठता है। इस के तस्करी में सबसे खतरनाक तथ्य यह है कि 200-300 लीटर तक पेट्रोल ड्रम में भरकर स्टोर कर रहे हैं। बस बाहर या एक छोटी केन रख देते हैं ताकि न बाइक कार चालक पहचानकर रुक स जाएं। पेट्रोल के इस होम स्टोरेज' से कभी भी किसी गांव में बड़ा धमाका बन हो सकता है। (MP News)
फिर ग्रामीण अतिरिक्त 10-20 रुपए प्रति लीटर और वसूल रहे क है। पेट्रोल की मांग अधिक, नियंत्रण शून्य, इसलिए जोखिम उठाकर भी धंधा चल रहा है।
हालत ये है कि ग्रामीण घरों में 200-300 लीटर पेट्रोल का स्टॉक रखने लगे हैं। जरा सी चिंगारी, बिजली का शॉर्ट सर्किट, धूप में गर्म ड्रम और पूरा गांव चपेट में आ सकता है।
सीमा क्षेत्रों में अवैध पेट्रोल कारोबार (Illegal Petrol Storage) इसलिए तेजी से फैला है क्योंकि सरकार की कीमत नीति के चलते वैध-व्यवस्था महंगी और अवैध-व्यवस्था सस्ती पड़ती है। प्रशासनिक निगरानी सीमित है और ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को यह धंधा तत्काल कैश देता है। जब तक कीमतें संतुलित नहीं होंगी और वैकल्पिक आय के अवसर नहीं बनेंगे, यह रुकना मुश्किल है। - डॉ. प्रशांत व्यास, अर्थशास्त्री
झाबुआ से गुजरात सीमा मात्र 40-50 किमी दूर है। दाहोद, कतवारा, राधेडा, देवगढ़-बरिया जैसे इलाकों में खुलेआम पेट्रोल बेचा जा रहा है। पिटोल बॉर्डर पार कर ग्रामीण 20 से 50 लीटर की केन भरकर मोटरसाइकिल, ऑटो और कार से पेट्रोल लाते हैं, जो गांव के 'गुप्त आउटलेट' पर 10-20 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त लेकर बेचा जाता है। (MP News)
सीमा क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल तस्करी की जानकारी संज्ञान में आई है। इस संबंध में विस्तृत योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ी तो दाहोद जिला प्रशासन को पत्र लिखकर वहां कैन में पेट्रोल दिए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध भी किया जाएगा।- महेश बडोले, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी