झाबुआ

अमेरिका में छा गई एमपी की ‘हिंदवी’, अंग्रेजी माहौल में ले रही स्वर-व्यंजन और शब्दों की क्लास

MP News: मध्य प्रदेश के झाबुआ से है नन्हीं बिटिया हिंदवी सोनी की क्लास, अमेरिका में रहकर शुरू की हिंदी की क्लास, सोशल मीडिया पर मचाया धमाल...

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Jan 21, 2026
Hindi with Hindvi class in America on social Media: अमेरिका में सोशल मीडिया पर चल पड़़ी एमपी की बिटिया हिंदवी सोनी की हिंदी की पाठशाला।

MP News: संकल्प मजबूत हो तो उम्र मायने नहीं रखती। अमरीका के ओहायो प्रांत में रहने वाली 6 वर्षीय भारतवंशी बच्ची हिंदवी सोनी ने इसे साबित किया है। विदेशी माहौल में जहां भारतीय बच्चे अपनी भाषा और संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वहीं एमपी की इस नन्हीं बेटी ने 'हिंदी विथ हिंदवी' नाम से प्रेरणादायी पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य विदेशों में भारतीय बच्चों को सरल व रोचक तरीके से हिंदी सिखाना है। विदेशों में बसे भारतीय परिवारों के लिए बच्चों को हिंदी से जोड़े रखना चुनौती है।

वहां पूरा माहौल अंग्रेजी आधारित होता है। इसे समझते हुए हिंदवी ने यूट्यूब चैनल शुरू किया। छोटे-छोटे वीडियो से वह बच्चों को हिंदी के स्वर, व्यंजन और शब्द निर्माण सिखा रही हैं।

सोशल मीडिया पर छाईं हिंदवी

हिंदवी सोशल मीडिया पर भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। वह न केवल धाराप्रवाह हिंदी बोलती हैं, बल्कि भारतीय लोकगीत, भजन और देशभक्ति गीतों का भी सहज और भावपूर्ण गायन करती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो उनकी मासूम आवाज और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरे लगाव से प्रभावित हैं।

पहली कक्षा की छात्रा, सोच उम्र से कहीं आगे

हिंदवी वर्तमान में फस्र्ट ग्रेड (पहली कक्षा) की छात्रा हैं, लेकिन उनका आत्मविश्वास और उद्देश्य उनकी उम्र से कहीं आगे है। हिंदी के प्रति उनके प्रेम और प्रयासों की अमरीका में उनकी कक्षा शिक्षिका ने भी सराहना की है। शिक्षकों का मानना है कि हिंदवी जैसी पहल बच्चों में अपनी जड़ों को समझने और उन पर गर्व करने की भावना विकसित करती है।

इसलिए खास है 'हिंदी विथ हिंदवी'

हिंदवी मूलत: एमपी के झाबुआ जिले से है। पिता नीतीश सोनी अमरीका में सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट हैं। मां अंजलि सोनी गृहिणी हैं। हिंदवी की यह पहल उन बच्चों के लिए एक सेतु बनकर सामने आई है, जो अपनी भाषा और संस्कृति को जानना और अपनाना चाहते हैं। 'हिंदी विथ हिंदवी' केवल भाषा सिखाने का मंच नहीं, बल्कि प्रवासी भारतीयों को उनकी जड़ों से जोड़ने का एक भावनात्मक प्रयास भी है।

Published on:
21 Jan 2026 11:32 am
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