- गागरोन की पुलिया पर 23 फीट पानी, दूसरे दिन भी फंसे रहे 98 जायरीन- कालीसिंध बांध के तीन गेट खोलकर 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी- आहू-चंवली लिंक नहर के पहली बार 20 सेंटीमीटर गेट खोलकर 250 क्यूबिक मीटर पानी की निकासी
झालावाड़। झालावाड़ जिले में लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। झालावाड़ जिले तथा मध्यप्रदेश में जोरदार बारिश होने से क्षेत्र में बहने वाली प्रमुख नदियों उफान पर चल रही है। पिड़ावा क्षेत्र में गगरीन बांध क्षेत्र में 24 घण्टे में 10 इंच बारिश दर्ज की गई है। गगरीन बांध पर चादर चल रही है। झालावाड़ शहर के पास स्थित गगरोन की पुलिया पर करीब 23 फीट पानी बह रहा है। इस कारण गगरोन दरगाह पर जियारत करने गए 98 जायरीन दूसरे दिन भी फंसे रहे। नदी में बहाव तेज होने के कारण प्रशासन ने दरगाह में ही सुरक्षित रहने को कहा है। वहीं जायरीनों की ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। पुलिया से पानी का उतार होने के बाद ही जायरीन आ सकेंगे। झालावाड़ शहर में सुबह से ही सावन की झड़ी लगी रही। दिनभर झड़ लगने से मौसम सुहाना हो गया। जिले में चंवली, आहू, कालीसिंध आदि नदियां उफ ान पर रही। मध्यप्रदेश में हो रही बरसात से राजस्थान- मध्यप्रदेश की सीमा पर बहने वाली चम्बल व शिप्रा नदी उफ ान पर चल रही है। कालीसिंध बांध के तीन गेट खोलकर 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। वहीं भीमसागर क्षेत्र के राजपुरा गांव में बरसाती नालों में उफान आने से घरों में पानी भर गया। आहु चंवली लिंक नहर के पहली बार 20 सेंटीमीटर गेट खोलकर 250 क्यूबिक मीटर पानी की निकासी की गई है। इससे आहू.चंवली लिंक नहर में पानी ओवरफ्लो होने से पिड़ावा क्षेत्र के सारंगका खेड़ा गांव के किसानों की सैंकड़ों बीघा की फसल जलमग्न हो गई।