झालावाड़

नशा और मोबाइल की लत छोड़ने की 2 लाख 60 हजार 357 विद्यार्थियों ने ली शपथ, बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉड में शामिल

जिला कलक्टर ने सोमवार सुबह 11 बजे एक साथ दो लाख 60 हजार 357 विद्याथियों को दशहरा मैदान में शपथ ग्रहण करवाई

3 min read

कार्यक्रम में दौरान जिला कलक्टर ने सोमवार सुबह 11 बजे एक साथ दो लाख 60 हजार 357 विद्याथियों को दशहरा मैदान में शपथ ग्रहण करवाई। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 6 हजार 335 बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान 2 हजार 607 निजी व सरकारी संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन शपथ दिलवाई गई है। इतने सारे विद्यार्थियों के एक साथ शपथ लेना एक रिकार्ड है। इस अभियान को बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉड में शामिल करने के लिए भेजा है।

भवानीमंडी के दशहरा मैदान पर प्रतिवर्ष रावण की बुराई का अंत होता है, इसीलिए नशे के विरूद्ध युद्ध एवं मोबाइल की लत को दूर भगाने के लिए इस मैदान को कार्यक्रम के लिए चुना है। विद्यार्थियों में नशे व मोबाइल लत की बुराई का अंत इसी मैदान से करना है। यह बात जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने नगर के दशहरा मेला मैदान में बचपन बचाओ थीम पर आयोजित शपथ ग्रहण एवं जिला कलक्टर संवाद कार्यक्रम में कही।

कार्यक्रम में दौरान जिला कलक्टर ने सोमवार सुबह 11 बजे एक साथ दो लाख 60 हजार 357 विद्याथियों को दशहरा मैदान में शपथ ग्रहण करवाई। मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 6 हजार 335 बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान 2 हजार 607 निजी व सरकारी संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन शपथ दिलवाई गई है। इतने सारे विद्यार्थियों के एक साथ शपथ लेना एक रिकार्ड है। इस अभियान को बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉड में शामिल करने के लिए भेजा है। जिला कलक्टर ने बताया कि एक साथ इतने लोगों द्वारा शपथ लेने पर कार्यक्रम को बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉर्ड में शामिल करने के लिए भेजा है। जिला परिषद के सीईओ शंभुदयाल मीणा ने बताया कि बुक ऑफ वल्र्ड रेकॉर्ड में शामिल करने का प्रमाण-पत्र दो दिन बाद आएगा।

जिला कलक्टर ने कहा कि झालावाड़ ने रिकार्ड बनाकर इतने सारे बच्चों को नशे के विरूद्ध युद्ध के लिए तैयार किया है। मोबाइल की लत को दूर भगाने के लिए जो हमने कार्य किया उस कार्य में सफलता निश्चित मिलेगी। एक दिन हम जरूर कामयाब होंगे। यह परिवर्तन की शुरुआत है। आज हमें लग रहा है कि यह मुश्किल कार्य है लेकिन आपके और हमारे जैसे हजारों लोग इस अभियान से जुड़ेगें और अभियान एक दिन क्रांति का रूप लेगा।

अभिभावक कर रहे भूल

जिला कलक्टर ने कहा कि पहले बच्चे धार्मिक एवं शादी समारोह में जाने के लिए तरसते थे। अब बच्चे जाने से मना कर देते हैं। माता-पिता भी फ्री होकर बच्चों को मोबाइल थमाकर चले जाते हैं। ऐसे में वे बहुत बड़ी भूल कर रहे है। यह एक बहुत खतरनाक यंत्र है। जिसके ऊपर नियंत्रण रख पाना उनकी विवेक से परे है। इस दौरान कलक्टर ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। साथ ही सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में संस्था प्रधानों ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। यह कार्यक्रम झालावाड़ जिले में स्वस्थ व जागरूक समाज बनाने के लिए सभी को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पहले खुद नशा छोड़ें

विधायक कालूराम मेघवाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला कलक्टर द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि डग विधानसभा क्षेत्र से नशा मुक्ति एवं मोबाइल लत को भगाने के अभियान शुरुआत हुई हुई। जिससे क्षेत्र के विद्यार्थी नशे को लेकर जागरूक होंगे लेकिन पहले अभिभावक खुद नशा छोड़े। उसके बाद बच्चों को भी नशा छोडऩे के लिए प्रेरित करें। आज सभी यही से नशा छोडऩे का संकल्प लेकर जाएं। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभुदयाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी छत्रपाल चौधरी, प्रधान सुल्तान सिंह चौहान, पालिकाध्यक्ष कैलाश बोहरा, उपाध्यक्ष अनिल मीणा, व्यापार संघ अध्यक्ष गिरीश सोमानी, ईओ मनीष मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान, आदि मंचासीन रहे।

यह कहानी हर घर की है : एसपी

एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि बच्चा बोलने से पहले मोबाइल चलाना सीख जाता है। पढऩे लिखने से पहले वह मोबाइल को कमांड करना सिख जाता है। यह कहानी हर घर की है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में हर जगह यही कहानी है। नशा तो निसंदेह ङ्क्षचता का विषय है ही लेकिन ये मोबाइल की जो लत है बच्चों में खास तौर से यह एक बहुत बड़ी परेशानी का सबब बनता जा रही है।

Published on:
20 Jan 2025 10:10 pm
Also Read
View All

अगली खबर