
झालावाड़। झालावाड़ जिले में पूर्वमुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) द्वारा जिले में बाढ़ राहत ( Flood Relief ) के लिए 51 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा पर कांग्रेस के नेता ने सवालिया निशान उठा दिया है। कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याक्षी प्रमोद शर्मा ( Pramod Sharma ) ने वसुंधरा राजे के द्वारा राहत के लिए 51 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा को राजनीतिक ड्रामा बताया है। इसी के साथ ही प्रमोद शर्मा द्वारा जिले में नहीं आने पर सासंद को भी आड़े हाथों लिया है। प्रमोद शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर ये आरोप प्रेस वार्ता कर लगाए। साथ ही शर्मा ने जिले में बाढ़ में जिन लोगों के मकान टूटे है उनको कांग्रेस द्वारा शीघ्र राहत देने की बात भी कही है।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित ( Flood in Rajasthan ) क्षत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने झालावाड़-बारां सहित चम्बल नदी के आस-पास के क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था और जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया था। उन्होंने बारां शहर, बरखेड़ी, पीपलखेड़ी, सुनेल, अरनिया, आकोदिया, गंगधार व चौमहला सहित विभिन्न गांवों में जलभराव के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र सहायता पहुंचाने के संबंध में एक संक्षिप्त रिपोर्ट भी तैयार करवाई।
हवाई सर्वेक्षण के बाद पूर्व सीएम राजे ने कहा, कि हाड़ौती में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण के दौरान भयावह मंजर को देखकर चिंतित हूं। पानी ने चारों तरफ ऐसी तबाही मचाई है कि कई जगह पूरे गांव के गांव पानी में डूब गए हैं। लोगों के पास खाने का सामान तक नहीं बचा है। उन्होंने कहा, 'बारिश ने किसानों के अरमानों पर पूरी तरह पानी फेर दिया है। प्रथम दृष्टया फसलों का 70-80त्न नुकसान हो चुका है। वहीं सोयाबीन, मक्का, उड़द जैसी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। झालावाड़-बारां जिले में 700 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके चलते हजारों लोग बेघर हो गए हैं।'
सरकार पर साधा निशाना
सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व सीएम राजे ने कहा था कि 'बाढ़ को लेकर राज्य सरकार से सिर्फ एक ही आश्वासन मिल रहा है कि हम हालात पर नजर रखे हुए हैं तथा राहत व बचाव कार्य में कमी नहीं आने दी जाएगी। लेकिन सरकार को समझना होगा कि सिर्फ आश्वासनों से लोगों के उजड़े हुए घर वापस नहीं बस सकते, सरकार को धरातल पर उतरकर लोगों की मदद करनी होगी।'