बड़े शहरों की तरह झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में इलाज
तीन लोगों का काम अकले डॉक्टर ने किया
झालावाड़. बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेज में मिलने वाली इलाज की सुविधा अब झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में भी मिल रही है। यहां यूरोलॉजी विभाग खुलने के बाद पहला सफल ऑपरेशन बुधवार को किया गया है। ऑपरेशन करीब 8 घंटे चला। झालावाड़ में यह पहली बार है जब कोई ऑपरेशन इतना लंबा चला है। अब महिला मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। फिलहाल आईसीयू में भर्ती है।
यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.विशाल नेनीवाल ने बताया कि झालरापाटन तहसील की 34 साल की एक महिला को कई दिनों से पेट दर्द व पेशाब में परेशानी थी। जांच करवाने पर महिला को पेशाब की थैली में कैंसर होने की पुष्टि हुई। महिला का एक गुर्दा पहले से निकाला जा चुका था।
दूसरे में भी सूजन थी। ऐसे में कैंसर लगातार फैल रहा था। ऐसी स्थिति में महिला का जल्द ऑपरेशन करना जरूरी था। ऑपरेशन जटिल होने से करीब आठ घंटे चला, लेकिन ऑपरेशन पूरी तरह से सफल रहा। अब महिला पूरी तरह से स्वस्थ है।
यूरोलॉजी विभाग खुलने के बाद ये पहला ऑपरेशन है जो सफल रहा। इस तरह के ऑपरेशन में चार डॉक्टरों की टीम काम करती है लेकिन यूरोलॉजी विभाग में एक ही डॉक्टर होने के बाद भी यह ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। महिला के मूत्राशय, आसपास के अंग, मूत्रवाहिनी, गर्भाशय, गर्भनाल आदि निकालकर ऑपरेशन कर फिर से सभी अंग व्यवस्थित किए गए।
महिला की परेशानी
महिला को कई दिनों से पेट दर्द था। पेशाब में खून आ रहा था। ऐसे में डॉक्टरों ने जांच करवाई तो पेशाब की थैली में गठान थी। उसका एक टुकड़ा दूरबीन से निकालकर जांच की तो कैंसर की पुष्टि हुई। ऐसे में कैंसर धीरे-धीरे अन्य अंगों में फेल रहा था। महिला का ऑपरेशन कर उस गठान को निकाला गया।
आंतों से पेशाब की नई थैली बनाई
34 वर्षीय महिला की पेशाब, बच्चेदानी, अंडकोष, पेशाब की नली आदि को निकालकर दोनों तरफ के लिम्फनोड निकाले और आंतों से पेशाब की नई थैली बनाकर तैयार की गई,उसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया।
इन्होंने किया सहयोग
ऑपरेशन में यूरोलॉजिस्ट डॉ.विशाल नेनीवाल के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ कीर्ति, कन्हैया लाल, छोटू, प्रेमलता, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ.राजन नंदा, डॉ.संजीव गुप्ता, डॉ.सुधीर आदि ने सहयोग किया। ऑपरेशन बुधवार सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो शाम 3.45 बजे तक चला।
इंटरियर पेल्विक एक्सेंटरेशन नामक ऑपरेशन बुधवार को किया गया है। महिला अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है। महिला को पेशाब में परेशानी थी। ऑपरेशन आठ घंटे तक चला, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में इस तरह का ये पहला ऑपरेशन हुआ।
डॉ.विशाल नेनीवाल, विभागाध्यक्ष, यूरोलॉजी विभाग, झालावाड़