झालावाड़

Jhalawar Medical College : बार-बार जांच कमेटियां बनाई, लेकिन परिणाम नहीं आ रहे

ब्लड बैंक में बिना एलाइजा टेस्ट के ब्लड चढाने का मामला
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Inquiry committees have been formed again and again, but results are not coming
झालावाड़ मेडिकल कॉलेज भवन

झालावाड़. मेडिकल काॅलेज झालावाड के ब्लड बैंक में बिना एलाइजा टेस्ट के ब्लड चढाने के मामले को लेकर जांच कमेटियां बनाई जा रही है लेकिन परिणाम अभी तक सामने नहीं आ रहे।
इस मामले में पहली बार हुई जांच में कई प्रकार की खामियां रह गई। जब मामला सामने आया तो फिर उसके बाद दूसरी जांच कमेटी बनाकर जांच कराई गई लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद यह मामला जयपुर राजभवन तक पहुंचा तो वहां से जांच के लिए लिखा गया। इसके बाद फिर जांच कमेटी बनाई जो जांच कर रही है। अब जांच पूरी होने और रिपोर्ट तैयार किए जाने की संभावना है।
यह मामला रक्त की जांच किए बिना रोगियों को चढाने के गंभीर लापरवाही के साथ ही आर्थिक अनियमितता का भी है। लेकिन मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक ने यह जांच तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाकर करवा ली। पुरानी जांच के दौरान भी सवाल उठाए गए थे कि आर्थिक अनियमितता के मामले की जांच चिकित्सक कैसे कर सकते हैं। जांच टीम में एक लोखाधिकारी का होना अनिवार्य था लेकिन डाॅ. शिव भगवान ने दूसरी जांच भी अपने आसपास के ही तीन चिकित्सकों की टीम बनाकर करवा ली जिसकी सत्यता रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगी।

अस्पताल प्रशासन का आलम यह है कि इस मामले में सीधे राज्यपाल और नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड के दखल के बावजूद मामले के प्रति गंभीर नहीं है। अस्पताल अपने चहेते चिकित्साकों से यह जांच करवाकर मामले में लीपापोती करने में लगे हुए हैं।
यह है पूरा मामला
ब्लड बैंक में प्रकरण सामने आने के पूर्व गत 15 माह से बिना एलाइजा टेस्ट किए ही रोगियों को रक्त चढाया जा रहा था। इस दौरान बडी संख्या में कार्ड टेस्ट किए गए। यह कार्ड कई गुना महंगी दर पर खरीदे गए। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन द्वारा अस्पताल की मशीन को ठीक कराने या वीआरडीएल लैब में रखी मशीन का उपयोग नहीं किया। अस्पताल प्रशासन ने इधर जनाना अस्पताल में जरूरत नहीं होने के बावजूद नई एलाईजा टेस्ट मशीन लगावा ली जो सशर्त दानदाता की ओर से लगाई गई है। इसकी शर्त यह है कि इस मशीन में काम आने वाले समस्त यूजेबल किट वहीं कंपनी सप्लाई करेगी जो मशीन को दान कर रही है। अब अस्पताल प्रशासन ने इसके किट खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

कमेटी ने जांच कर ली है लेकिन मुझे अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद देखेंगे और कार्रवाई करेंगे। वित्तीय अनियमितता की मुझे कोई शिकायत नहीं मिली है। इसमें अगर कोई शिकायत आती है तो जांच करवाकर कार्रवाई करेंगे।
डॉ. शिवभगवान शर्मा, डीन, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज

Updated on:
26 Sept 2023 10:59 am
Published on:
26 Sept 2023 10:59 am