
Jhalawar: परवन बांध से छोड़ा जा रहा पानी (फोटो-पत्रिका)
झालावाड़। जिले में बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। कई इलाकों में तेज बारिश के चलते नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ गया, जबकि बांधों में लगातार हो रही पानी की आवक के कारण जल संसाधन विभाग को गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। निर्माणाधीन परवन बांध से करीब 31,600 क्यूसेक और कालीसिंध बांध से करीब 59,630 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। वहीं चंवली बांध पर पांच सेंटीमीटर की चादर चल रही है।
पनवाड़ कस्बे में शनिवार को करीब आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी बह निकला। मनोहरथाना क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों में तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। परवन नदी में पानी बढ़ने से क्षेत्र का प्रसिद्ध श्रीथानेश्वर महादेव मंदिर भी जलमग्न हो गया।
अकावद कलां के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश, मोहनपुरा और छापी बांध से पानी की आवक बढ़ने के कारण निर्माणाधीन परवन बांध का जलस्तर लगातार बढ़ा। शनिवार को टनल के गेट पर पानी का स्तर करीब 1500 मिलीमीटर तक पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए सुबह करीब 10.30 बजे परवन बांध के चार गेटों की कुल ओपनिंग 8 मीटर की गई।
इसके जरिए 31,600 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जल संसाधन विभाग ने लोगों से बांध के बहाव क्षेत्र से दूर रहने और नदी-नालों के तेज बहाव में नहीं जाने की अपील की है।
जिले में बारिश की रफ्तार कुछ इलाकों में कम होने के बावजूद कालीसिंध बांध में जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बनी हुई है। इसी के चलते शनिवार सुबह करीब 11 बजे बांध के छह गेट खोलकर पानी की निकासी बढ़ाई गई। बांध के छह गेटों को कुल करीब 12.30 मीटर तक खोलकर लगभग 59,630 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है।
बांध में फिलहाल करीब 5,450 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है और जलस्तर 314.76 मीटर दर्ज किया गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार बांध में उसकी कुल जलभराव क्षमता का करीब 64 प्रतिशत पानी है। विभाग बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार निगरानी रख रहा है।
इसके अलावा छापी बांध के तीन गेट 1.5 मीटर खोलकर करीब 4,377.73 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। राजगढ़ बांध का एक गेट 0.30 मीटर खोलकर करीब 1,038.82 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
रायपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात से रुक-रुककर बारिश का दौर शनिवार सुबह तक जारी रहा। बारिश के कारण छोटे-बड़े नदी-नालों में उफान की स्थिति रही। शनिवार सुबह कालीसिंध नदी भी उफान पर रही और नदी का पानी रायपुर के समीप नाले तक पहुंच गया। इससे पशुपालकों को कालीसिंध नदी के माल में पशुओं को ले जाने में परेशानी हुई।
चंवली बांध पर शनिवार सुबह पांच सेंटीमीटर की चादर चली, जबकि शुक्रवार को यहां एक सेंटीमीटर की चादर थी। बांध का जलस्तर 356.55 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी कुल भराव क्षमता 356.50 मीटर है।
रायपुर में शनिवार तक 53 मिमी बारिश दर्ज की गई और कुल बारिश 1010 मिमी हो चुकी है। चंवली बांध पर 15 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे यहां कुल बारिश का आंकड़ा 968 मिमी तक पहुंच गया।
लगातार बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। क्षेत्र में सोयाबीन की अगेती किस्म कटाई के लिए तैयार है, लेकिन खेतों में पानी भरने के कारण कटाई प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही तो फसल की कटाई और उसे खेतों से बाहर निकालने में परेशानी बढ़ सकती है।
बकानी क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब 4 बजे से हुई तेज बारिश के कारण बकानी सहित देवनगर, खाचरोद, देवर, रेपला, बरखेड़ाकलां, बरखेड़ा खुर्द, कोटड़ा राड़ी, मोड़ी और भनपुरिया के नदी-नाले उफान पर आ गए। खाचरोद गांव में तेज बहाव के कारण कई जगह घरों में पानी भर गया।
बारिश से खेत भी जलमग्न हो गए और सोयाबीन की फसल पानी में डूब गई। किसानों का कहना है कि पहले ही फसल में रोग और दीमक के कारण नुकसान हो रहा था, अब तेज बारिश से परेशानी और बढ़ गई है। किसानों ने कृषि विभाग से फसल खराबे का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
Updated on:
19 Sept 2026 05:46 pm
Published on:
19 Sept 2026 05:37 pm
