झालावाड़

पशुपालकों का कर रही मंगल, दूसरे चरण में 43 हजार का बीमा करने का लक्ष्य

राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार जिले में 43 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है

2 min read

मंगला पशु बीमा योजना का दूसरा चरण शुरू

झालावाड़. राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार जिले में 43 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है।

राजस्थान सरकार ने छोटे पशुपालकों को पशु हानि से बचाने के लिए मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत पशु पालक 2 बड़े पशु गाय, भैंस अथवा 10 छोटे पशु बकरी भेड़ का निःशुल्क बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियक शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार योजना के तहत पशु के बीमारी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारण से मृत्यु हो जाने पर अधिकतम 40 हजार रुपए की बीमा राशि दी जाती है। लॉटरी में चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करता है। पहले फेज के दौरान भी विभाग को 48 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य मिला था।

जिसके तहत विभाग ने जिले में लगभग 35 हजार 12 पशुओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन इन रजिस्ट्रेशनों में पशु पालकों के गलफत के कारण लगभग4-5 हजार रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए थे। यानी विभाग गत सीजन में 20 हजार पशुपालकों ने अपने पशुओं का पंजीयन करवाया था। जिसमें सबसे ज्यादा पंजीयन भैंसों व गायों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे। गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग को 43 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत अभी तक जिलेभर में 11 हजार पशुओं का बीमा किया जा चुका है।

जिले में इस बार इतने पशुओं का करना है बीमा

पशु बीमा लक्ष्य

गाय 11 हजार

भैंस 19 हजार

भेड 2 हजार 500

बकरी 10 हजार

ऊंट 500

मार्च 2026 तक रखी है समय सीमा-

शासन ने योजना के तहत लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च तक की समय सीमा रखी है। समय सीमा को देखते हुए पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमा ही लग रहा है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लक्ष्य हासिल नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को फिर बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि विभाग लक्ष्य को हासिल कर सके।

गत वर्ष शुरू हुई मंगला पशु बीमा योजना-

राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत गत वर्ष की थी। मंगला पशु बीमा योजना में पशु की अकाल मृत्यु पर जनाधार कार्डधारक पशुपालक को बीमा क्लेम के रूप में 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भी नहीं देना होता है यानी योजना निःशुल्क है।

मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ

मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया है। पहले चरण की तरह इस चरण में भी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके। इस बार इसमें बदलाव किया गया है। इसमें पहले पशुपालक को ईमित्र पर जाकर पंजीयन करवाना होगा, उसके बाद बीमा कंपनी का सर्वेयर व डॉक्टर दोनों एक साथ जाकर ऑनलाइन करते हैं, इससे तीन से चार दिन में ही पशुपालकों को बीमा पॉलिसी मिल जाती है।

डॉ. टीआर बंसोड, संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सालय, झालावाड़

Published on:
24 Feb 2026 11:14 am
Also Read
View All

अगली खबर