झालावाड़ की पटरियों पर दौड़ती ट्रेनों के पीछे छिपी है एक बहन की 'ज़िद'। भाई माधवराव सिंधिया को याद कर भावुक हुईं वसुंधरा राजे, 46 करोड़ की सौगात के साथ जर्जर स्कूलों का बदलेगा भाग्य।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सोमवार को एक अलग ही अंदाज में नजर आईं। झालावाड़ की धरती पर जब उन्होंने अपने बड़े भाई स्व. माधवराव सिंधिया का जिक्र किया, तो वहां मौजूद हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं। यह मौका था सांसद दुष्यंत सिंह की 'जन संवाद यात्रा' के पांचवें चरण के शुभारंभ का, जहाँ राजे ने राजनीति से ऊपर उठकर परिवार और विकास के उन धागों को पिरोया, जिन्होंने झालावाड़ की तकदीर बदल दी।
वसुंधरा राजे ने पुराने दिनों को याद करते हुए एक ऐसा राज साझा किया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। राजे ने बताया कि झालावाड़ में आज जो पैसेंजर ट्रेनें दौड़ रही हैं, वह उनके भाई और तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री माधवराव सिंधिया की 'बहन के प्रति ममता' का नतीजा हैं।
खानपुर तहसील के राजपुरा गांव में राजे ने केवल यादें ही साझा नहीं कीं, बल्कि विकास की झड़ी लगा दी। सांसद दुष्यंत सिंह और पूर्व विधायक नरेंद्र नागर की मौजूदगी में उन्होंने 46 करोड़ की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह बजट क्षेत्र की सड़कों, बिजली और पानी की सुविधाओं को और मजबूत करेगा।
राजे ने शिक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सांसद और विधायक कोष (MP-MLA Fund) की अधिकांश राशि अब स्कूलों के पुनर्निर्माण में खर्च होगी।
अन्नदाताओं के लिए भी राजे ने बड़ी खुशखबरी साझा की। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत झालावाड़ के लिए 500 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।
255 करोड़ का भुगतान: यह राशि किसानों तक पहुँच चुकी है।
260 करोड़ का इंतज़ार: शेष राशि का सेटलमेंट प्रक्रिया में है और जल्द ही भुगतान होगा।
राजस्व में नंबर-1: राजे ने गर्व से कहा कि राजस्व मामलों को सुलझाने में झालावाड़ पूरे राजस्थान में अव्वल है। मई अंत तक जिले का एक भी किसान 'गैर खातेदार' नहीं रहेगा।
सांसद दुष्यंत सिंह की यात्रा के अब तक के सफर की सराहना करते हुए राजे ने बताया कि पिछले चार चरणों में 2043 आवेदन मिले थे। इनमें से 1375 समस्याओं का निस्तारण जिला कलेक्टर के साथ मिलकर करवाया जा चुका है। यह 'जन संवाद' अब केवल यात्रा नहीं, बल्कि समाधान का जरिया बन गया है।