झालावाड़

Jhalawar News: अस्पताल में लापरवाही उजागर, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

झालावाड़ शहर के हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय में साफ-सफाई उचित नहीं होने से प्रसूताओं को संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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jhalawar janna hospital
फोटो पत्रिका

कोटा में हाल ही में चार प्रसूताओं की मौत के बाद चिकित्सा व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं, लेकिन इसके बावजूद झालावाड़ के राजकीय हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय में व्यवस्थाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा। अस्पताल परिसर में स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से प्रसूताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

चिकित्सालय के पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड से लेकर सामान्य वार्डों तक स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पीने के स्वच्छ पानी तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

लेबर रूम के बाहर जूतों-चप्पलों का ढेर

अस्पताल के लेबर रूम के बाहर जूतों-चप्पलों का ढेर लगा रहने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार का अस्वच्छ वातावरण प्रसूताओं और नवजातों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से लेबर रूम और वार्डों में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर करने तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है।

हाइजीन व्यवस्था पर उठे सवाल

पत्रिका टीम के निरीक्षण में सामने आया कि लेबर रूम और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में कई स्टाफ सदस्य बिना मास्क के कार्य करते नजर आए। वहीं बाहर के जूते-चप्पल भी अंदर तक ले जाए जा रहे थे, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। अस्पताल में राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के कई मापदंडों की नियमित पालना नहीं हो रही है। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त दिखाने के लिए खानापूर्ति की जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और स्टाफ की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित उपचार मिल सके।

खराब पड़ा वाटर कूलर, गर्मी में मरीज परेशान

अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर केवल एक वाटर कूलर लगा है, जिसे हाल ही में एक दानदाता की ओर से उपलब्ध कराया गया बताया जा रहा है। वहीं तीसरी मंजिल पर मरीजों और परिजनों को ठंडे पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां वाटर कूलर का स्टैंड बना हुआ है, लेकिन कूलर नहीं लगाया गया है। पहले से लगा वाटर कूलर भी खराब पड़ा है।

जेएसएसवाई वार्ड में 57 बेड होने के बावजूद पर्याप्त ठंडक की व्यवस्था नहीं है। कई कूलर बंद पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में प्रसूताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मरीजों और परिजनों को हाथ से हवा करनी पड़ रही है।

गाइड लाइन के अनुसार पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए-

हाइजीन का गाइडलाइन के अनुसार पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए कहीं सफाई नहीं हो रही है तो ठेकेदार कर्मचारियों को पाबंद करेंगे ऊपर जिला प्लांट से पॉइंट दिया हुआ है अगर वाटर कूलर खराब है तो कहीं सही करवा देंगे स्टाफ भी बाहर के जूते चप्पल अंदर लेकर नहीं जाएं जूते चप्पल के लिए कर्मचारियों को पवन किया जाएगा जीएसएस ए वार्ड में डक्टिंग बंद है तो इसे भी चालू करवाया जाएगा।
डॉ. संजय पोरवाल दिन मेडिकल कॉलेज झालावाड़

Updated on:
22 May 2026 10:49 am
Published on:
22 May 2026 10:49 am