
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस (फोटो-पत्रिका)
झालावाड़। मनोहरथाना क्षेत्र के आंवलाहेड़ा गांव में सोमवार देर रात हथियारों से लैस नकाबपोश सात डकैत फिर एक ज्वैलर के घर में घुस गए। उन्होंने देशी कट्टे की नोक पर घर के अंदर सो रही ज्वैलर्स की बुजुर्ग मां और उसके 15 साल के बेटे को बंधक बना लिया। वे दोनों से करीब 20 ग्राम सोने और 300 ग्राम चांदी के गहने लूटकर ले गए। बाजार में इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपए है। लुटेरों ने जाने से पहले घर में भगोनी में रखा दूध पीया और तीन किलो देशी घी से भरा डिब्बा साथ ले गए।
चार दिन पहले ही सारोलाकलां में भी एक ज्वैलर के घर में परिजनों को बंधक बनाकर करीब 5 करोड़ के सोने-चांदी के आभूषण और 10 लाख रुपए नकद ले गए। जिले में चार दिन के भीतर इस तरह की यह दूसरी बड़ी वारदात है।
पीड़ित ज्वैलर कृष्ण मुरारी सोनी ने बताया कि आवलखेड़ा में उनके दो मकान हैं। पांच साल पहले ही बनाए नए मकान में वह रहते हैं, जबकि उनकी 65 वर्षीय मां उमा देवी पुराने मकान में रहती हैं। रात को उनका 15 वर्षीय बेटा प्रतीक उनके पास रोजाना सोने जाता है।
सोमवार रात करीब एक से दो बजे के बीच 7 नकाबपोश डकैत मकान के पीछे की ओर से छत पर चढ़कर अंदर घुसे। उन्होंने मां और बेटे को बंधक बना लिया। विरोध करने पर मारपीट की। दोनों के हाथ पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। लुटेरों ने मां के पहने हुए सोने के मंगलसूत्र, टॉप्स और चांदी की पायजेब छीन ली। उन्होंने प्रतीक के हाथ से चांदी का कड़ा भी ले लिया। डकैतों ने पूरे घर की तलाशी ली।
वारदात के दौरान लुटेरे घर में रखी भगोनी का दूध पी गए और करीब तीन किलोग्राम देसी घी से भरा डिब्बा भी साथ ले गए। वारदात के बाद वे कमरे की बड़ी खिड़की अंदर से खोलकर भाग निकले। उनके जाने के बाद प्रतीक ने किसी तरह अपने बंधे हाथ खोले और दादी को मुक्त कराया। दोनों ने शोर मचाया तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने दूसरे मकान में सो रहे कृष्ण मुरारी सोनी को सूचना दी। परिजनों ने सुबह मनोहरथाना पहुंचकर रिपोर्ट दी। सूचना मिलते ही मनोहरथाना पुलिस उप अधीक्षक अशोक कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामले के खुलासे के लिए झालावाड़ से साइबर और एसएफएल टीमों को भी जांच में लगाया गया है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिस तरह से वारदात की है। उसके तरीके से यह पारदी और गुलेल गैंग के सदस्य हो सकते हैं। पुलिस मध्य प्रदेश के गुना और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय इस तरह गैंग के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस गैंग के सदस्य आमतौर पर इसी तरह की वारदात करते हैं।
पूर्व में हाड़ौती के जिलों में हुई डकैती और लूट की वारदातों में उनकी लिप्तता पाई गई है। पुरानी जानकारी के अनुसार वारदात के दौरान गैंग के सदस्य अपने पास मोबाइल नहीं रखते हैं। इसके साथ ही वे गांव से करीब एक किलोमीटर दूर अपने वाहन रखते हैं।
Published on:
19 May 2026 06:05 pm
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