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Dara Ghati RUB: दरा घाटी अंडरपास प्रोजेक्ट में देरी, लखनऊ की स्पेशल टीम रेलवे ट्रैक के नीचे रखेगी 13-13M के ब्लॉक

Rajasthan News: दरा घाटी में निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास प्रोजेक्ट एक बार फिर तकनीकी कारणों से अटक गया है। सुरक्षा कारणों से रेलवे ब्लॉक नहीं मिलने के चलते प्रस्तावित कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

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Dara Ghati RUB Project

जेक की जांच परख करते हुए का फोटो: पत्रिका

Lucknow Special Engineer And Technical Team: दरा घाटी में निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास का कार्य रविवार को एक बार फिर टल गया। ट्रेन आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से रेलवे प्रशासन ने ब्लॉक देने से इनकार कर दिया जिसके चलते प्रस्तावित तकनीकी कार्य इस बार भी नहीं हो सका। इसके चलते पहले से तैयार की गई पूरी योजना पर पानी फिर गया और मौके पर मौजूद टीम को इंतजार करना पड़ा। कार्य के लिए प्रशासन ने पहले से यातायात बंद करवा दिया था, लेकिन रेलवे से अनुमति नहीं मिलने के बाद करीब एक घंटे पश्चात मार्ग को पुनः खोल दिया गया और वाहनों की आवाजाही सामान्य कर दी गई। इससे स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

दरा घाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास निर्माण का कार्य लंबे समय से जारी है। रविवार को यहां दूसरी गडर रखने और आगे ब्लॉक डालने की तैयारी थी। इसके लिए रेलवे की विशेष अनुमति आवश्यक थी, लेकिन ब्लॉक नहीं मिलने से पूरा कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। इससे निर्माण कार्य की समय-सीमा पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण प्रोजेक्ट की गति धीमी हो रही है।

रेलवे लाइन के नीचे लगाए जाएंगे तीन बड़े ब्लॉक

अंडरपास निर्माण के लिए 13-13 मीटर लंबाई के तीन भारी कंक्रीट ब्लॉक तैयार किए गए हैं। इनको रेलवे ट्रैक के नीचे विशेष तकनीक से स्थापित किया जाएगा। इसके लिए लखनऊ से विशेषज्ञ इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की टीम दरा घाटी पहुंची हुई है। टीम अपने साथ अत्याधुनिक हाइड्रोलिक जैक भी लाई है, जिनकी सहायता से इन विशाल ब्लॉकों को धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से रेलवे लाइन के नीचे धकेला जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।

रविवार को विशेषज्ञ टीम ने मौके पर जैक फिटिंग और मशीनों की प्रारंभिक जांच का कार्य पूरा कर लिया। तकनीकी परीक्षण के दौरान ब्लॉकों की स्थिति और ट्रैक के नीचे की संरचना का भी गहन निरीक्षण किया गया। इंजीनियरों ने यह सुनिश्चित किया कि कार्य शुरू होने पर किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। अब पूरी प्रक्रिया दूसरी गडर लगाए जाने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी।

चार दिन तक चल सकता है ब्लॉक डालने का काम

तकनीकी अधिकारियों के अनुसार तीनों ब्लॉकों को रेलवे लाइन के नीचे स्थापित करने में करीब चार दिन का समय लग सकता है। इस दौरान रेलवे और हाईवे यातायात पर भी आंशिक प्रभाव पड़ सकता है, जिसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई जा रही है। निर्माण एजेंसियों की ओर से सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। दरा घाटी में बन रहा यह अंडरपास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद हाईवे पर जाम की समस्या कम होगी और रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे इंतजार से भी लोगों को राहत मिलेगी।

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