आक्रोशित लोगों का पुलिस पर पथराव, चार पुलिस कर्मी चोटिल
झालावाड़/असनावर. झालावाड़ जिले के असनावर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत खेड़ला के दो गांवों के ग्रामीण वन विभाग की भूमि पर मवेशी चराने को लेकर शनिवार को भिड़ गए। विवाद गहराने पर एक पक्ष के लोगोंं ने फायरिंग कर दी। इसमें दस जने घायल हो गए हैं। जिनका झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
थानाधिकारी हरवंत सिंह रंधावा ने बताया कि गादिया मेहर और रुपपुरा बालदिया के ग्रामीणों में मवेशी चराने को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। इसमें एक पक्ष की ओर से फायरिंग करने से 10 लोग छर्रे लगने से घायल हो गए। फायरिंग होने से पहले दोनों पक्ष के लोग पत्थरबाजी करते रहे। इसी बीच किसी ने गादिया मेहर के ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी। इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। गोली लगने से लोग लहूलुहान होकर तड़पने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पत्थरबाजी में एक पुलिस कांस्टेबल रामकिशोर के हाथ में गंभीर चोंट आई। इसके अलावा हैड कांस्टेबल राजेन्द्र कुमार, रामभरोस, सत्यनारायण शर्मा के भी मामूली चोंटे आई। सभी पुलिसकर्मियों का मेडिकल मुआयना करवाया गया। घटना के बाद एहतियात के तौर पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा। थानाधिकारी ने बताया कि दोनों गांवों के संदिग्ध ग्रामीणों को शांति भंग में गिरफ्तार किया है। घायलों को कस्बे के सीएचसी अस्पताल लाया गया। जहां से सभी को झालावाड़ एसआरजी अस्पताल इलाज के लिए रैफर किया।
ग्राम पंचायत खेड़ला सरपंच कंचन बाई हेमराज लोधा व अन्य प्रत्यक्षदशिज़्यों के अनुसार दोनों गांवों के करीब दो सौ से लेकर तीन सौ ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल वन विभाग की पहाड़ी पर जमा हो गई। बालदिया के ग्रामीणों ने आकर गादिया मेहर के पशु चरवाहों को डराना शुरू किया। कुछ ही देर में देखते ही देखते मौके पर लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। बहस होने के बाद दोनों पक्ष की ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। इतने में किसी ने भीड़ में से दो फायर हवा में किए। इसके बाद छरेज़् भरी हुई बंदूक से करीब तीन बार फायरिंग गादिया मेहर वाले ग्रामीणों की भीड़ पर कर दिए। फायरिंग की आवाज सुनते ही ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई। फायरिंग के बाद बंदूक के छर्रे लगने से कुछ ग्रामीण खून से सन गए। लोग पहाड़ी पर दौड़ते भागते झाडिय़ों के पीछे छुप गए। भगदड़ मचने से कई ग्रामीण चोटिल हो गए। कई ग्रामीणों के कपड़े फट गए। फायरिंग होने के बाद दोनों गांवों के ग्रामीण भाग गए।
यह हुए घायल
ग्रामीणों के बीच मवेशी चराने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में रमेशचंद, रामप्रसाद, ओमप्रकाश, रमेश, भजनलाल, विष्णु प्रसाद, रमेशचंद, हेमराज, अनार सिंह, अमृतलाल आदि घायल हो गए।
इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें बालदिया निवासी नारायण सिंह गुर्जर, सपातर, देवीसिंह गुर्जर, फोरुलाल, रामप्रसाद, सालगराम, तूफान सिंह, संजय गुर्जर, महेंद्र मेघवाल, मानसिंह गुर्जर, देवीसिंह, घनश्याम, तूफान, राजूलाल, देवकरण, देवराज गुर्जर और हंसराज मेघवाल को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरे पक्ष गादियामेहर निवासी चंद्रप्रकाश लोधा, लालचंद लोधा, शोभाराम लोधा, श्यामलाल लोधा, पूरीलाल लोधा, रामलाल लोधा, गोविंद वैष्णव, रोशनलाल मेघवाल, धनराज लोधा, घनश्याम लोधा, नानूराम लोधा,राधेश्याम, प्रेमचंद, तुलसीराम, प्रहलाद, सीताराम लोधा और परमानंद लोधा को गिरफ्तार किया। पुलिस जाब्ता जब घटनास्थल पर जा रहा था, तो रास्ते में बालदिया के ग्रामीणों की भीड़ ने गाड़ी को रोककर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। जिसमें गाड़ी का सामने वाला शीशा टूट गया। लकडिय़ों व पत्थर से हमले के कारण चार पुलिसकर्मियों के चोंटे आई। फिर भी थानाधिकारी हरवंत सिंह जैसे तैसे पहाड़ी पर चढ़कर पुलिस जाब्ते को लेकर घटनास्थल पर जाकर मौका-मुआयना किया।