
Rajasthan Road Accident: सोमवती अमावस्या पर धार्मिक स्थलों के दर्शन और पुण्य स्नान के लिए निकले कई परिवारों के लिए ये यात्रा कभी न भूलने वाला दर्द बन गई। राजस्थान के अलग-अलग जिलों में हुए 3 भीषण सड़क हादसों में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। कहीं मुकाम धाम से लौट रहा परिवार हादसे का शिकार हुआ तो कहीं मंदिर दर्शन और पुष्कर स्नान की आस्था मौत के सफर में बदल गई।
मुकाम धाम दर्शन कर लौट रहे एक ही परिवार के 6 लोगों की सड़क हादसे में मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में आठ वर्ष की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती किया गया है। हादसा सोमवार दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीजराल होटल के पास हुआ। मृतकों के शव श्रीडूंगरगढ़ के राजकीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाए गए हैं। हादसे में हरियाणा के फतेहाबाद के मताना गांव निवासी ओमप्रकाश विश्नोई (60), उनकी पत्नी सोरमा देवी (55), बेटी प्रमीला (35), पोता रोनित (11) पुत्र सुरेन्द्र, यशवी (10) पुत्री अमित, खुशी (10) पुत्री संदीप सुथार बिश्नोई की मौत हो गई।
आमने-सामने हुई भिड़ंत में कार के परखच्चे उड़ गए। धमाके की आवाज सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना ने लोगों की मदद से कार में सवारों को बाहर निकाला। ओमप्रकाश सेवानिवृत्त अकाउंटेंट थे। वे परिवार के साथ बीकानेर के मुकाम में बिश्नोई समाज के गुरु जम्भेश्वर के समाधि स्थल के दर्शन कर लौट रहे थे।
कार में सवार लोगों में से आठ वर्षीय बच्ची तनवी पुत्री संदीप ही जिंदा बची है। तनवी को गंभीर हालत में श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर रेफर किया गया है। उसे ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया है। उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मृतकों के परिवार को सूचना दे दी है। मताना गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश 30 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सीनियर अकाउंटेंट पद से रिटायर हुए थे। मौके पर हर तरफ खून फैला था। हादसे का कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि तेज गति या नींद की झपकी आने से हादसा हुआ है। कार स्वयं ओमप्रकाश चला रहे थे।
झालावाड़ के राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर घाटोली थाना क्षेत्र के गुलखेड़ी गांव के समीप रविवार देर रात श्रद्धालुओं से भरा एक लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। हादसे में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार लोडिंग वाहन में कुल 21 महिला-पुरुष सवार थे। सभी श्रद्धालु कमलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन कर अपने गांव देवरी मंदिर लौट रहे थे। यात्रियों के अनुसार वे शनिवार शाम को गांव से रवाना हुए थे और रविवार शाम को दर्शन के बाद वापस लौट रहे थे। रात करीब एक बजे गुलखेड़ी गांव के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे।
दुर्घटना में राधीबाई पत्नी प्रताप तंवर (65) निवासी घोड़ाखेड़ा, घीसीबाई पत्नी मांगीलाल तंवर (70) निवासी देवरी मंदिर तथा पांचूलाल तंवर पिता प्यारेलाल (27) निवासी रामपुरिया की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर घाटोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।
नागौर जिले की मेड़ता सिटी में सोमवती अमावस्या पर पुण्य स्नान और दर्शन की आस लगाए पुष्कर जा रहे एक परिवार ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनकी यात्रा लूणी नदी की रपट पर पहुंचने पर हमेशा के लिए थम जाएगी। सोमवार सुबह जसनगर के पास नदी की रपट पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और कार की आमने-सामने की टक्कर में मासूम बच्ची सहित तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए।
हादसा सुबह करीब सात बजे जसनगर के पास लूणी नदी की रपट पर हुआ। करौली जिले के हिंडौन क्षेत्र के खेड़ा गांव के मूल निवासी तथा वर्तमान में जैतारण क्षेत्र में मजदूरी कर रहे परिवार के सदस्य सोमवती अमावस्या पर पुष्कर सरोवर में स्नान करने के लिए रवाना हुए थे। कार में सवार सभी नौ लोग एक ही परिवार के थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रपट के पास बस और कार के बीच जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सड़क पर पलट गई और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सबसे पहले आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों ने जितेंद्र (40) पुत्र भीमसिंह, शीला (35) पत्नी राजाराम तथा सात वर्षीय मन्नू पुत्री योगेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि नरसी (60) पुत्र अर्जुनराम, हाकिम (30) पुत्र भीमसिंह, मुनीन (40) पुत्र पनसन, गुणेश देवी (30) पत्नी हाकिम सहित एक अन्य घायल हाे गया। गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जसनगर से जैतारण चिकित्सालय पहुंचाया गया। वहां भी स्थिति को देखते हुए गंभीर घायलों को जयपुर रेफर किया गया।
बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज
जसनगर थानाधिकारी छीतरमल ने बताया कि करौली निवासी देवेंद्र पुत्र मोहनलाल गुर्जर ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाते हुए टक्कर मारने का मामला दर्ज करवाया है। उल्लेखनीय है कि जिस नागौर नबंर की बस से कार की टक्कर हुई वो मेड़ता से भीलवाड़ा के बीच चलती है। हादसे के वक्त बस में भी करीब 15 से 20 यात्री मौजूद थे।
तीनों मृतकों के पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को मौके से हटाकर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने मासूम बच्ची सहित तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यह हादसा ओवरटेक करते वक्त हुआ है।