
Jhalawar: एसीबी की गिरफ्त में वीडीओ रजनी मीणा (फोटो-पत्रिका)
झालावाड़। मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने और लेने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मऊबोरदा की तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) रजनी मीणा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान (चार्जशीट) पेश कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद एसीबी को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर अब मामले की सुनवाई अदालत में आगे बढ़ेगी। फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है।
एसीबी कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 10 अप्रैल को मिली एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता महूमहल खींची दरबार सेवा समिति से जुड़ा हुआ है। समिति की ओर से 16 फरवरी 2026 को धानोदा खुर्द पंचायत बोरदा मऊ में सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें 28 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ों के प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
आरोप है कि ग्राम पंचायत मऊबोरदा में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा ने विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में प्रति जोड़ा 500 रुपए की दर से कुल 13 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। बाद में बातचीत के दौरान यह राशि घटाकर प्रति जोड़ा 400 रुपए कर दी गई और 26 जोड़ों के प्रमाण पत्र के लिए कुल 10 हजार 400 रुपए देने पर सहमति बनी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 15 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई करते हुए एसीबी की टीम ने रजनी मीणा को 10 हजार 400 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। उस समय आरोपी के ठिकानों की तलाशी भी ली गई थी।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच की गई। अनुसंधान के दौरान आरोपी के खिलाफ रिश्वत मांगने और रिश्वत लेने का अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके बाद सहायक निदेशक अभियोजन के माध्यम से विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोटा में आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर दिया गया है। मामले में आगे की सुनवाई अब न्यायालय में होगी।
Published on:
12 Jun 2026 08:23 pm
बड़ी खबरें
View Allझालावाड़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
