17 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bharatpur: नगर पालिका में हाई-वोल्टेज ड्रामा, विधायक ऋतु बनावत-ईओ में तीखी तकरार, CM भजनलाल शर्मा तक पहुंचा मामला

MLA Ritu Banawat: बयाना नगर पालिका की समीक्षा बैठक में विधायक और अधिशासी अधिकारी के बीच टेंडरों को लेकर बहस हो गई। विधायक ने सफाई टेंडरों में अनियमितता के आरोप लगाए।
3 min read
Google source verification
MLA Ritu Banawat

विधायक डॉ. ऋतु बनावत और अधिशासी अधिकारी अनीता कुशवाह। फोटो- पत्रिका

बयाना। नगर पालिका परिसर में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब स्थानीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत और अधिशासी अधिकारी अनीता कुशवाह आमने-सामने आ गईं। सफाई टेंडरों में कथित अनियमितता, सुलभ शौचालय से एयर कंडीशनर चोरी, हाजिरी रजिस्टर में खामियां और एक ही फर्मों को बार-बार काम दिए जाने जैसे मुद्दों पर दोनों के बीच कई दौर की तीखी बहस हुई। बैठक के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधि और कर्मचारी भी असहज नजर आए तथा कुछ समय के लिए माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

यह वीडियो भी देखें

भरतपुर के बयाना से विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने आरोप लगाया कि सफाई ठेकों के टेंडर ऐसे अखबार में प्रकाशित किए गए, जिसे क्षेत्र में किसी ने देखा तक नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर हर बार तीन-चार फर्में ही आवेदन कैसे करती हैं और क्या पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। विधायक ने कहा कि प्रथम दृष्टया पूरे मामले में बड़े स्तर पर घालमेल की आशंका दिखाई देती है। इस पर अधिशासी अधिकारी अनीता कुशवाह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कोई नियम नहीं बदला है।

टेंडर फाइलों की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश

उनके अनुसार कार्यभार संभालने से पहले भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती रही है और वही फर्में टेंडर प्रक्रिया में भाग लेती रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कौन आवेदन करता है और कौन नहीं, यह प्रशासन के नियंत्रण में नहीं है। पूरी टेण्डर प्रक्रिया सरकारी वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाती है। बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि सफाई ठेकों के लिए केयर फॉर यू एनजीओ, गिरधरवाल एंड संस और प्रवीण कॉन्ट्रेक्टर ने आवेदन किया था। विधायक ने एक ही फर्मों को लगातार काम दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए सभी टेंडर फाइलों की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

एयर कंडीशनर चोरी का मामला भी गरमा

इसी बीच सरकारी अस्पताल के सामने स्थित सुलभ शौचालय परिसर से एयर कंडीशनर चोरी का मामला भी गरमा गया। विधायक ने सवाल किया कि चोरी होने के बावजूद अब तक पुलिस में रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई और नुकसान की भरपाई कौन करेगा। इस मुद्दे पर भी विधायक और ईओ के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बैठक के दौरान विवाद तब और बढ़ गया, जब अधिशासी अधिकारी के एक परिजन ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए ईओ के समर्थन में अपनी बात रखनी चाही। इस पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया।

हाजिरी रजिस्टर की जांच के दौरान मिली कमियां

ईओ अनीता कुशवाह ने इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि संबंधित व्यक्ति उनका पारिवारिक सदस्य है। इसके बाद दोनों के बीच माहौल और अधिक गरमा गया। हाजिरी रजिस्टर की जांच के दौरान भी कई कमियां सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद विधायक अंबेडकर पार्क पहुंचीं और वहां सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों की उपस्थिति का भी सत्यापन किया। विधायक ने सवाल उठाया कि रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति में अंतर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है।

ईओ अनीता कुशवाह ने दी सफाई

वहीं ईओ अनीता कुशवाह ने कहा कि जिन फर्मों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वे उनके आने से पहले से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नगर पालिका पहले भी संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर समय-समय पर पेनल्टी भी लगाई जाती रही है। मामले को गंभीर मानते हुए विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने अधिशासी अधिकारी की कार्यप्रणाली की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गुणवत्ता पर खड़े किए सवाल

दूसरी ओर निवर्तमान पार्षद प्रबल कुमार शर्मा ने भी अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर विधायक कोटे से लगाए गए करीब 20 लाख रुपए के सीसीटीवी कैमरों और लगभग 10 लाख रुपए की एलईडी रोड लाइटों की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि अधिकांश कैमरे बंद पड़े हैं और कई रोड लाइटें खराब हो चुकी हैं, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अर्जुन दमदमा भी पिछले माह 29 तारीख को सफाई टेंडरों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं। बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने प्रधानमंत्री द्वारा डीजल बचाने की अपील का हवाला देते हुए ईओ के सरकारी वाहन से प्रतिदिन भरतपुर आने-जाने के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई।

वहीं बैठक में मौजूद कुछ लोगों के बीच यह चर्चा भी सुनाई दी कि विधायक के खिलाफ पूर्व में लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों के एक मामले की जांच अभी लंबित है और उसमें अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है। हालांकि, इस संबंध में बैठक में कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने अधिशासी अधिकारी से मामले में अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। यदि जांच आगे बढ़ती है तो नगरपालिका के टेंडर, सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़े कई अहम पहलुओं से पर्दा उठ सकता है।

बड़ी खबरें

View All

भरतपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग