
मीडिया से चर्चा करते गुर्जर समाज के नेता। फोटो: पत्रिका
भरतपुर। राजस्थान के चर्चित जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर गुर्जर नेताओं ने अब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। गुर्जर नेताओं ने कहा कि सरकार जगन गुर्जर के हत्यारों को बचाना चाहती है। साथ ही बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर करने के बाद नए थाने की जिम्मेदारी देने पर भी नाराजगी जताई। गुर्जर नेताओं ने पूछा कि लाइन हाजिर एसएचओ को 12 दिन में ही फिर से पोस्टिंग क्यों दी गई।
डकैत जगन गुर्जर की हत्या मामले को लेकर भरतपुर में शनिवार को गुर्जर समाज के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान गुर्जर समाज के नेता प्रहलाद खटाना ने कहा कि जिस दिन जगन गुर्जर की हत्या हुई थी, उस दिन हम अजमेर गए थे। इस दौरान प्रशासन के बीच लिखित समझौता हुआ था। प्रशासन ने जगन गुर्जर अंतिम संस्कार में उसके तीनों भाइयों को आने की अनुमति दी थी। दूसरी मांग पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया था।
लेकिन, दुख इस बात का है कि राजस्थान हाईकोर्ट के संज्ञान लेने पर भी सरकार ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेल के अधिकारी और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 29 जून को जगन गुर्जर की हत्या हुई थी, लेकिन अब तक जगन गुर्जर की पोस्टमार्टम परिजनों को नहीं दी गई।
गुर्जर नेता ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या सरकार इसमें शामिल नहीं है। मैं सीएम भजनलाल शर्मा से कहना चाहता हूं कि अगर आप इसमें शामिल नहीं हो तो अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई। 20 दिन तक चली न्यायिक जांच में क्या निकलकर सामने आया। इस बारे में परिजनों को क्यों नहीं बताया गया। जगन गुर्जर हत्याकांड की सीबीआई से जांच क्यों नहीं करवाई गई?
उन्होंने कहा कि हत्याकांड को लेकर 12 जुलाई को सर्व समाज की मीटिंग हुई थी। जिसमें कलक्टर और एसपी भी आए थे। इसके बाद बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन, 12 दिन में ही ऐसा क्या हुआ कि देवेंद्र शर्मा को निहालगंज थाने की नई जिम्मेदारी सौंप दी। ऐसे कौनसा दबाव था कि निहालगंज थाने का थानाधिकारी बना दिया। फिर वो थानाधिकारी सोशल मीडिया पर प्रचार कर उकसाने का काम कर रहा है। मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि क्या आप गुर्जर और ब्राह्मण समाज को लड़ाना चाहते हो। हमारा किसी अधिकारी से लड़ाई नहीं है। बाड़ी का ऐसा कौनसा नेता है जिसके कहने पर देवेंद्र शर्मा को फिर से जिम्मेदारी दे दी। अगर सरकार इस हत्याकांड में शामिल नही है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करें और देवेंद्र शर्मा को फिर से लाइन हाजिर करे।
गुर्जर नेताओं ने कहा कि सरकार जगन गुर्जर के हत्यारों को बचाना चाहती है। जगन गुर्जर को बाड़ी थाने में 7 दिन रखा गया। जगन गुर्जर पर कट्टा दिखाया गया। थाने की रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक नहीं किया गया। देश की सबसे सुरक्षित जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। सरकार ने एक भी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं कि अगर जगन गुर्जर के हत्यारों को सजा नहीं दी गई तो, सर्व समाज के लोगों के साथ जल्द ही आंदोलन किया जाएगा। समाज की मांग है कि देवेंद्र शर्मा को सस्पेंड किया जाए।
Updated on:
25 Jul 2026 03:09 pm
Published on:
25 Jul 2026 03:08 pm
