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जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर गुर्जर नेताओं का सरकार पर आरोप, अजमेर जेल प्रशासन पर कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी

Jagan Gurjar Murder Case: जगन गुर्जर की हत्या पर गुर्जर समाज में रोष है। गुर्जर नेताओं का कहना है कि जगन गुर्जर की हत्या के बाद सरकार ने जेल प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। नेताओं का आरोप है कि जगन गुर्जर की हत्या में सरकार खुद शामिल है।
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भरतपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 26 Jul 2026, 11:07 AM IST

Gurjar community leader Prahlad Khatana

मीडिया से चर्चा करते गुर्जर समाज के नेता। फोटो: पत्रिका

भरतपुर। दस्यु रहे जगन गुर्जर की हत्या पर गुर्जर समाज में रोष है। गुर्जर नेताओं का कहना है कि जगन गुर्जर की हत्या के बाद सरकार ने जेल प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। नेताओं का आरोप है कि जगन गुर्जर की हत्या में सरकार खुद शामिल है। जल्द ही सर्व समाज के लोग आंदोलन करेंगे। इतना ही नहीं अधिकारियों ने एसएचओ देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर करने के बाद 12 दिन बाद ही उसे दूसरे थाने में पोस्टिंग कर दे दी गई।

गुर्जर नेता प्रहलाद खटाना ने कहा कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। उस दिन हम सभी लोग वहां गए थे। उस समय प्रशासन से लिखित समझौता हुआ था। उस समझौते में से केवल एक मांग मानी गई है। जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में तीनों भाइयों को बुलाने की ही मांग पूरी की गई है। दूसरी मांग में पप्पू गुर्जर को जेल ट्रांसफर कर दिया गया। राजस्थान हाइकोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया। हाइकोर्ट ने सरकार से सवाल किया, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया।

जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेल के अधिकारी और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जगन गुर्जर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई। नेताओं ने पूछा कि हत्या के मामले में जो न्यायिक जांच चल रही है, उसमें क्या हुआ। हत्याकांड की सीबीआई जांच नहीं कराई गई। हत्याकांड को लेकर 12 जुलाई को सर्व समाज की एक मीटिंग की गई थी, जिसमें कलक्टर-एसपी आए थे। मथुरा गेट थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर धरना दे रहे पांच जनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। इनमें प्रहलाद खटाना, अमित, सोनू उर्फ सौरभ, गोपाल व प्रवेश शामिल है। सभी को अतिरिक्त जिला कलक्टर के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें रिहा कर दिया गया।

जगन गुर्जर पर जबरन कट्टा दिखा बंद किया

नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जगन गुर्जर के हत्यारों को छिपाना चाहती है। समाज की मांग है कि एसएचओ देवेंद्र शर्मा को सस्पेंड किया जाए, क्योंकि जगन गुर्जर को बाड़ी थाने में 7 दिन रखा गया। जगन गुर्जर पर कट्टा दिखाया गया। थाने की रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक नहीं किया गया। देश की सबसे सुरक्षित जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। सरकार ने एक भी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं कि यदि जगन गुर्जर के हत्यारों को सजा नहीं दी गई तो सर्वसमाज के लोगों के साथ जल्द ही आंदोलन किया जाएगा।

लाइन हाजिर एसएचओ को 12 दिन बाद ही पोस्टिंग

गुर्जर नेताओं ने सवाल उठाया कि बाड़ी के एसएचओ देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर किया गया था। इसके 12 दिन बाद ही देवेंद्र शर्मा को धौलपुर के निहालगंज थाने का थाना अधिकारी बना दिया गया। इसके बाद थाना अधिकारी ने सोशल मीडिया पर प्रचार भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम गुर्जर और ब्राह्मण समाज को लड़ाना चाहते है।

छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब वोट से देंगे

सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद खटाना ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक समाज का नहीं, बल्कि सभी समाजों का है। हम सभी लोग इसका समर्थन करते है। खटाना ने छात्रों पर हुई लाठीचार्ज की निंदा की। उन्होंने कहा छात्रों पर जिस तरह से लाठियां बरसाई गई, उसी का रोष पूरे देश में है। उन्होंने कहा कि इसका आने वाले समय में जवाब वोट से मिलेगा। कानून और शिक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। लोहागढ़ स्टेडियम के समीप प्रेस वार्ता के बाद गुर्जर नेता प्रहलाद खटाना सहित अन्य लोग आईजी कार्यालय ज्ञापन देने गए, लेकिन यहां पर आइजी नहीं मिली।

लाइन हाजिर एसएचओ को फिर पोस्टिंग क्यों दी?

उन्होंने कहा कि हत्याकांड को लेकर 12 जुलाई को सर्व समाज की मीटिंग हुई थी। जिसमें कलक्टर और एसपी भी आए थे। इसके बाद बाड़ी थाना प्रभारी देवेंद्र शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन, 12 दिन में ही ऐसा क्या हुआ कि देवेंद्र शर्मा को निहालगंज थाने की नई जिम्मेदारी सौंप दी। ऐसे कौनसा दबाव था कि निहालगंज थाने का थानाधिकारी बना दिया। फिर वो थानाधिकारी सोशल मीडिया पर प्रचार कर उकसाने का काम कर रहा है। मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि क्या आप गुर्जर और ब्राह्मण समाज को लड़ाना चाहते हो। हमारा किसी अधिकारी से लड़ाई नहीं है। बाड़ी का ऐसा कौनसा नेता है जिसके कहने पर देवेंद्र शर्मा को फिर से जिम्मेदारी दे दी। अगर सरकार इस हत्याकांड में शामिल नही है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करें और देवेंद्र शर्मा को फिर से लाइन हाजिर करे।

आंदोलन की दी चेतावनी

गुर्जर नेताओं ने कहा कि सरकार जगन गुर्जर के हत्यारों को बचाना चाहती है। जगन गुर्जर को बाड़ी थाने में 7 दिन रखा गया। जगन गुर्जर पर कट्टा दिखाया गया। थाने की रिकॉर्डिंग को सार्वजानिक नहीं किया गया। देश की सबसे सुरक्षित जेल में जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। सरकार ने एक भी कर्मचारी पर कोई कार्रवाई नहीं कि अगर जगन गुर्जर के हत्यारों को सजा नहीं दी गई तो, सर्व समाज के लोगों के साथ जल्द ही आंदोलन किया जाएगा। समाज की मांग है कि देवेंद्र शर्मा को सस्पेंड किया जाए।

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