- जिले में कई जगह नहीं खुल रहे थे ताले
झालावाड़.अब ग्राम विकास अधिकारी रोजाना पंचायत कार्यालय खोलेगा। पंचायती राज विभाग ने समस्त जिलों व संबंधित अधिकारियों को इसके लिए पाबंद किया है। सरकार का मानना है कि पंचायत पर सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर लाभ पहुंचाने का दायित्व होता है। अधिकांश पंचायतों में कार्यालय ही समय पर नहीं खुलता है। शासन सचिव रवि जैन के आदेशानुसार समस्त ग्राम विकास अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक पंचायत कार्यालय में सभी आगुन्तकों के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। वीडीओ कार्यालय कार्य का निपटाने एवं आमजन समस्या का निराकरण करेंगे। इसकी सूचना पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अंकित करें। राजकीय कार्यवश उपलब्ध नहीं हैं तो कनिष्ठ सहायक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। कोई भी कार्मिक उपस्थित न हो तो सूचना एवं लौटने के संभावित समय की जानकारी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर अंकित करें। तय समय में करें समस्या का समाधान- ग्रामीणों की परिवेदना एवं समाधान के लिए वीडीओ का वाट्सअप नम्बर अंकित करें। वाट्सअप पर प्राप्त संदेशों का तय अवधि में समाधान सुनिश्चित करें। सरकार ने निर्देश दिए कि सीईओ एवं विकास अधिकारी उपस्थिति बाबत निर्देशों की पालना वाट्सअप फोटोज एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति से सुनिश्चित कराएं। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
जिले में आए दिन आ रही शिकायते-
जिले में 254 ग्राम पंचायतें है, जिनमें से कई के ताले नहीं खुलने की शिकायतें आए दिन ग्रामीण करते रहे हैं। लेकिन अब पंचायती राज विभाग से सख्त आदेश आने के बाद नियमित रूप से ग्राम पंचायतों के कार्यालय खुलेंगे।
पालना करवाई जाएगी-
पंचायती राज विभाग से आदेश आया है, उसकी पालना करवाई जाएगी। सभी वीडीओ को तय समय पर कार्यालय खोलना जरुरी है। सरकारी काम से कहीं बाहर जा रहे है तो नोटिस बोर्ड पर सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
शंभुदयाल मीणा, सीईओ, जिला परिषद,झालावाड़।
अब पटवारियों को मुख्यालय पर रहना होगा, नहीं तो होगी कार्रवाई
- उपखंड अधिकारी करेंगे मॉनिटरिंग
झालावाड़.खरीफ का मौसम और बारिश का दौर, ऐसे में पटवार मुख्यालय पर ही पटवारी गायब। ऐसी बढ़ती शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। हाल में एक आदेश जारी कर 29 जुलाई से पटवारी संबंधित पटवार मुख्यालय पर नहीं मिला तो उस पर अब विभागीय कार्रवाई होगी। प्रदेश में पटवारी को अपने क्षेत्र के उस गांव में निवास करने का प्रावधान है, लेकिन अधिकांश पटवारी मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहे हैं। इससे कृषकों को पटवारी का इंतजार करना पडता है या कार्यालय के चक्कर लगाने पडते हैं। सरकार ने राजस्थान भू-राजस्व भू.अभिलेख नियम 1957 के नियम 12(1) ए जिसे राजस्व ग्रुप6 विभाग की अधिसूचना 16 जून 2017 को संशोधित किया है। इसमें प्रावधान है कि पटवारी अपने क्षेत्र के उस गांव में निवास करेगा, जो कलक्टर ने उसका मुख्यालय तय किया हो, जब तक कि उसने अपने क्षेत्र के बाहर रहने की लिखित अनुमति कलक्टर से नहीं ले ली हो। प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पटवारी को मुख्यालय पर ठहरने को पाबन्द कराएं एवं इसकी मॉनिटरिंग उपखण्ड अधिकारी करेंगे। किसी पटवारी के मुख्यालय पर नहीं रहने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।